
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका: दूसरे टेस्ट में बन सकते हैं ये बड़े रिकॉर्ड्स
क्या है खबर?
पहले टेस्ट में 203 रनों से जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में पुणे में जीत हासिल करके सीरीज़ अपने नाम करने की कोशिश करेगी।
दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर से खेला जाना है और भारतीय टीम इस मुकाबले में फेवरिट के रूप में उतरेगी।
पुणे में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में कई रिकॉर्ड्स दांव पर होंगे।
आइए जानें दूसरे टेस्ट में बन और टूट सकने वाले रिकॉर्ड्स के बारे में।
शमी-अश्विन
शमी और अश्विन बना सकते हैं ये स्पेशल रिकॉर्ड
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम टेस्ट में 158 विकेट हैं और उन्हें वीनू मांकड़ (162) को पीछे छोड़ने के लिए पांच विकेट की जरूरत है।
350 विकेट हासिल कर चुके रविचंद्रन अश्विन को चमिंडा वास और डेनिस लिली जैसे महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ने के लिए छह विकेट की जरूरत है।
अश्विन ने 27 बार पारी में पांच या उससे ज़्यादा विकेट लिए हैं और उनके पास जेम्स एंडरसन और डेनिस लिली को पीछे छोड़ने का मौका है।
विराट कोहली
स्मिथ और सोबर्स की बराबरी कर सकते हैं कोहली
भारतीय कप्तान विराट कोहली के नाम टेस्ट क्रिकेट में 6,800 रन हैं।
30 वर्षीय बल्लेबाज केन बैरिंग्टन (6,806), रॉस टेलर (6,839) और दिलीप वेंगसरकर (6,868) जैसे बल्लेबाजों को टेस्ट रन के मामले में पीछे छोड़ सकते हैं।
कोहली (26) को स्टीव स्मिथ और गैरी सोबर्स (27) की टेस्ट शतक के मामले में बराबरी करने के लिए एक और शतक की जरूरत है।
पुजारा, रहाणे और रोहित
पुजारा, रहाणे और रोहित बना सकते हैं ये रिकॉर्ड्स
चेतेश्वर पुजारा के नाम 18 करियर टेस्ट शतक हैं। एक शतक लगाकर वह मार्क टेलर, क्लाइव लॉयड और माइकल हसी जैसे स्टार्स की बराबरी कर सकते हैं।
उप-कप्तान अजिंक्या रहाणे 30 रन बनाकर रवि शास्त्री (3,830) को पीछे छोड़ सकते हैं और एक शतक लगाकर वह शास्त्री के 11 शतकों की बराबरी कर सकते हैं।
रोहित शर्मा 123 रन बनाकर युवराज सिंह (1,900) को पीछे छोड़ सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका
अफ्रीकी खिलाड़ी बना सकते हैं ये रिकॉर्ड्स
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान (3,676) को हैंसी क्रोनिए को पीछे छोड़ने के लिए मात्र 39 रनों की जरूरत है।
क्विंटन डी कॉक (2,509) को जोंटी रोड्स (2,532) को पीछे छोड़ने के लिए मात्र 24 रनों की जरूरत है।
ऐडन मार्करम 98 रन बनाकर टेस्ट क्रिकेट में अपने 1,500 रन पूरे कर सकते हैं।
केशव महाराज को 100 टेस्ट विकेट पूरे करने के लिए मात्र एक विकेट की जरूरत है।