
भारत बनाम इंग्लैंड: टेस्ट सीरीज में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम को आखिरी टेस्ट मैच में पारी और 64 रन से हरा दिया। इसी के साथ उन्होंने सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया।
सीरीज का पहला टेस्ट हारने के बाद रोहित शर्मा की टीम ने कमाल की वापसी की।
यह पहला मौका था जब इंग्लैंड बेन स्टोक्स की कप्तानी और ब्रेंडन मैकुलम की कोचिंग में कोई टेस्ट सीरीज हारी है।
आइए इस सीरीज में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हैं।
बल्लेबाजी
जमकर बोला यशस्वी का बल्ला
यशस्वी जायसवाल ने इस पूरी सीरीज में धमाकेदार बल्लेबाजी की और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
सीरीज में उनके बल्ले से 2 दोहरे शतक और 3 अर्धशतक निकले। इस खिलाड़ी ने 89 की उम्दा औसत के साथ 712 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
उन्होंने 79.91 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 26 छक्के जड़े। द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में यह किसी भी बल्लेबाज के द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं।
सलामी
रोहित और शुभमन भी चमके
भारतीय टीम के अन्य 2 शीर्ष क्रम के बल्लेबाज कप्तान रोहित और शुभमन गिल ने भी सीरीज में क्रमशः 452 और 400 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने 2-2 शतक ठोके।
शुरुआत में इन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। हालांकि, जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ती गई, उनका बल्ला भी रन उगलने लग गया।
भारत के शीर्ष 3 बल्लेबाजों के असाधारण प्रदर्शन के कारण इंग्लैंड को नई गेंद से विकेट लेने में संघर्ष करना पड़ा।
डेब्यू
डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों ने छोड़ी छाप
भारतीय टीम की ओर से सीरीज में 4 खिलाड़ियों ने डेब्यू किया। रजत पाटीदार को छोड़कर और सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा।
सरफराज खान (50 की औसत से 200 रन) और ध्रुव जुरेल (63.33 की औसत से 190 रन) ने साबित कर दिया कि वे आने वाले दिनों में कमाल कर सकते हैं। जुरेल टेस्ट मैचों में भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज तय माने जा रहे हैं।
आखिरी मैच में डेब्यू करने वाले देवदत्त पडिक्कल ने भी 65 रन बनाए।
गेंदबाज
सभी गेंदबाजों ने किया कमाल का प्रदर्शन
भारत के 4 गेंदबाजों ने सीरीज में 18 से ज्यादा विकेट लिए। इसी कारण इंग्लैंड के बल्लेबाज कभी भी चैन की सांस नहीं ले पाए।
कुलदीप यादव (20.15 की औसत से 19 विकेट), रविचंद्रन अश्विन (24.8 की औसत से 26 विकेट), और रवींद्र जड़ेजा (25.05 की औसत से 19 विकेट) ने जोरदार प्रदर्शन किया।
जसप्रीत बुमराह (16.89 की औसत से 19 विकेट) ने भी घातक गेंदबाजी की। जडेजा ने बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया (38.66 की औसत 232 रन)।
फ्लॉप
इंग्लैंड बल्लेबाजों का फ्लॉप शो
भारत के शीर्ष-3 बल्लेबाजों ने 400 से ज्यादा रन बनाए। वहीं, इंग्लैंड के लिए जैक क्रॉली (407 रन) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज 350 रन भी नहीं बना पाया।
पहले मैच में 196 रन की पारी खेलने वाले ओली पोप 40 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
राजकोट में बेन डकेट ने 153 रन की पारी खेली। यह उनका एकमात्र 50+ स्कोर था। जॉनी बेयरस्टो (238 रन) एक बार भी 40 रन का आंकड़ा नहीं छू सके।