
सैलरी और ईनामी राशि के इंतजार में हैं भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच मारिन
क्या है खबर?
लगभग तीन महीने पहले ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। टीम भले ही पदक जीतने से चूक गई थी, लेकिन अपने प्रदर्शन से उन्होंने सबका दिल जीत लिया था।
टीम के इस ऐतिहासिक सफर के दौरान कोच की भूमिका निभाने वाले सार्ड मारिन की सैलरी की आखिरी किश्त का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इसके अलावा उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित की गई ईनामी राशि का भी इंतजार है।
बकाया
कितने पैसों का है बकाया?
सार्ड को भारतीय कोच के रूप में सैलरी की जो आखिरी किश्त दी जानी है वह 1,800 डॉलर (लगभग 1.35 लाख रूपये) की है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उन्हें 25 लाख रूपये का ईनाम देने की घोषणा की थी।
लखनऊ में आयोजित हुए कार्यक्रम में सार्ड हिस्सा नहीं ले सके थे और इसी कारण उन्हें सरकार द्वारा घोषित की गई राशि नहीं मिल पाई थी।
पेमेंट रोकने का कारण
क्यों SAI ने रोकी है सार्ड की पेमेंट?
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक सार्ड की पेमेंट इस कारण रोकी गई है क्योंकि उन्होंने फेडरेशन द्वारा दिया गया लैपटॉप अब तक वापस नहीं किया है।
एक SAI ऑफिशियल ने बताया, "पेमेंट तैयार है और यह उसी वक्त उन्हें दे दी जाएगी जिस वक्त वह ऑफिशियल लैपटॉप वापस कर देंगे। किसी भी कोच या अन्य व्यक्ति की पूरी पेमेंट क्लियर करने के लिए यह एक आधिकारिक तरीका है।"
25 लाख रुपये
बैंक अकाउंट की जानकारी के कारण नहीं भेजा जा सका सरकार का पैसा
पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश सरकार के स्पोर्ट्स डॉयरेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक सार्ड के बैंक अकाउंट की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण पैसा नहीं भेजा जा सका है।
उन्होंने कहा, "पैसा सरकार की तरफ से दे दिया गया है। जब हमारी सरकार ने इस चीज पर 42 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं तो हम 25 लाख रूपये देने में क्यों पीछे हटेंगे?"
टोक्यो ओलंपिक
पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची थी महिला हॉकी टीम
क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराते हुए भारतीय महिलाओं ने पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और कांस्य पदक के मैच में ग्रेट ब्रिटेन से हारकर टीम पदक से चूक गई थी।
भारतीय महिलाओं के लिए यह केवल तीसरा ओलंपिक है। 1980 ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला टीम ने सीधे 2016 में ओलंपिक खेला था और 12वें स्थान पर रही थीं।