
वर्चुअल असेट्स और NFTs की कीमतों पर पड़ा रूस-यूक्रेन युद्ध का असर, घट गई बिक्री
क्या है खबर?
रूस की ओर से यूक्रेन में चल रही घुसपैठ और दोनों देशों के बीच जारी युद्ध से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है।
सामने आया है कि यूक्रेन युद्ध का असर वर्चुअल असेट्स या NFTs मार्केट पर भी पड़ रहा है।
24 फरवरी से रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद से NFTs की औसत कीमत (ASP) में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हालांकि, इंडस्ट्री ट्रैकर्स ने पहले ही ऐसा होने की उम्मीद जताई थी।
प्रभाव
जनवरी से कम हुई बिक्री और कीमत
साल 2022 के पहले महीने जनवरी के बाद से लगातार NFTs की बिक्री और औसत कीमत में गिरावट दर्ज की गई है।
बेशक नॉन-फंजिबल टोकन्स या NFTs पिछले साल ट्रेंड में बने रहे और सबसे ज्यादा चर्चित शब्दों में शामिल हैं, लेकिन साल 2022 में इनसे जुड़े आंकड़ों में लगातार कमी आई है।
साफ दिख रहा है कि NFTs में निवेश करने और रुचि लेने वालों की संख्या कम हुई है, जिसका असर इसके मूल्य पर भी पड़ रहा है।
रिपोर्ट
इतनी घट गई NFTs की कीमत
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री ट्रैकर नॉनफंजिबल का डाटा दिखाता है कि NFTs की औसत कीमत या एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) घटकर 2,000 डॉलर से कम हो गया है।
जनवरी, 2022 से तुलना करें तो उस महीने मार्केट में NFTs की औसत कीमत ने नया रिकॉर्ड बनाया था और सबसे ज्यादा 6,900 डॉलर पर पहुंच गई थी।
जनवरी में NFTs की कुल बिक्री 16 करोड़ डॉलर की थी, जो अब घटकर 2.62 करोड़ डॉलर रह गई है।
सवाल
क्या NFTs में खत्म होने लगी ग्राहकों की रुचि?
ब्लूमबर्ग ने बताया है कि कुछ सबसे लोकप्रिय NFT कलेक्शंस की बिक्री भी घट गई है।
विश्व के सबसे बड़े NFT मार्केटप्लेस ओपेनसी का डाटा दिखाता है कि क्रिप्टो पंक्स के अलावा पिक्सलेटेड फिगर्स और दूसरे कलेक्शंस को खरीदने वाले भी घटे हैं।ॉ
डैपरेडार डाटा के मुताबिक, NBA टॉप शॉट्स में पिछले सप्ताह 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, एक्सी इनफिनिटी की बिक्री में 15 प्रतिशत की कमी आई है।
वजह
रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा एक और बड़ी वजह
रूस और यूक्रेन युद्ध के अलावा NFTs की बिक्री में कमी आने की एक और वजह बताई जा रही है।
दुनिया के अलग-अलग देश क्रिप्टोकरेंसी और इससे जुड़े NFTs जैसे वर्चुअल असेट्स से जुड़े नए नियम और पाबंदियां लेकर आए हैं और सुधार कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने के दौरान नए और मौजूदा ग्राहक ऐसे नियमों को बेहतर समझने के बाद ही निवेश करना चाहते हैं।
चिंता
क्या खत्म हो रहा है NFTs का दौर?
NFTs की बिक्री और कीमत में आई कमी से जुड़ी दूसरी संभावना और चिंता इसमें निवेश करने वालों की रुचि खत्म होने से जुड़ी है।
पिछले साल नए और मौजूदा NFT कलेक्शंस का प्रमोशन हर जगह देखने को मिल रहा था और सोशल मीडिया साइट्स पर भी इनकी चर्चा हो रही थी।
अब लगातार नए प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं लेकिन उनक लगातार मार्केट में बने रहना और कीमत बनाए रखना, दोनों बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
न्यूजबाइट्स प्लस
क्या होते हैं नॉन-फंजिबल टोकन्स?
NFTs दरअसल ऐसे टोकन होते हैं, जिनकी कोई दूसरी कॉपी नहीं होती।
जैसे सामान्य लेनदेन करने के लिए कागजी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, NFTs के रिकॉर्ड्स डिजिटल वर्ल्ड में स्टोर होते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी में NFTs की खरीददारी होने के चलते इसकी जानकारी ब्लॉकचेन पर स्टोर की जाती है।
ब्लॉकचेन एक प्राइवेट नेटवर्क है, जो क्रिप्टोकरेंसी में होने वाले लेनदेन को पब्लिक डोमेन पर मॉनीटर करता है। यानी कि ब्लॉकचेन पर किए गए लेनदेन कोई भी देख सकता है।