
बजट 2022: भारत में 2023 तक आएगी 5G कनेक्टिविटी
क्या है खबर?
वित्तमंत्री निर्मला सीतारण ने आज साल 2022 का बजट पेश किया और इस दौरान बताया कि सरकार वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 5G टेलिकॉम सेवाएं लाने पर काम करेगी।
अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी के लिए स्पेक्ट्रम्स की नीलामी भी इसी वित्तीय वर्ष में की जाएगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 5G सेवाएं रोलआउट करते हुए सरकार देशभर में इंटरनेट इकोनॉमी तैयार करने की कोशिश करेगी और ये सेवाएं 2023 तक उपलब्ध हो जाएंगी।
रोलआउट
13 शहरों में सबसे पहले आएगी 5G टेक्नोलॉजी
दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में घोषणा की थी कि भारत में 5G रोलआउट की शुरुआत साल 2022 में हो जाएगी।
प्रेस रिलीज में कहा गया था कि सबसे पहले 13 शहरों में यूजर्स को 5G सेवाएं मिलना शुरू होंगी।
इन शहरों की लिस्ट में अहमदाबाद, बेंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे शामिल हैं।
जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vi) तीनों इन शहरों में पहले ही 5G ट्रायल्स कर चुकी हैं।
पार्टनरशिप
आठ एजेंसियों के साथ DoT की पार्टनरशिप
दूरसंचार विभाग ने भारत में 5G की टेस्टिंग और शुरुआत के लिए आठ एजेंसीज के साथ पार्टनरशिप की और इसका टेस्ट बेड प्रोजेक्ट साल 2018 में शुरू किया गया, जो 31 दिसंबर, 2021 को पूरा हुआ।
इन एजेंसियों में IIT, बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT हैदराबाद, IIT मद्रास, IIT कानपुर, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISC) बेंगलुरू, सोसाइटी ऑफ अप्लाईड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (SAMEER) और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन वायरलेस टेक्नोलॉजी (CEWiT) को शामिल किया गया था।
स्पेक्ट्रम
इन 5G बैंड स्पेक्ट्रम्स की होगी नीलामी
स्पेक्ट्रम के लिए टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) जल्द इंटरनेशन मोबाइल टेलिकम्युनिकेशंस (IMT) की ओर से बताए गए स्पेक्ट्रम्स की नीलामी कर सकती है।
इन 5G स्पेक्ट्रम्स की नीलामी रिजर्व प्राइस, बैंड प्लान, ब्लॉक साइज और कॉन्टम ऑफ स्पेक्ट्रम के हिसाब से की जाएगी।
TRAI अगले कुछ महीनों में 526-698 MHZ,700 MHZ, 800 MHZ, 900 MHZ, 1800 MHZ, 2100 MHZ, 2300 MHZ, 2500 MHZ, 3300-3670 MHZ और 24.25-28.5 GHZ बैंड्स से स्पेक्ट्रम्स की नीलामी कर सकती है।
फायदा
कई गुना बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी
टेलिकॉम कंपनियों को 5G ट्रायल्स करने के लिए एक्सपेरिमेंटल स्पेक्ट्रम दिए गए थे, जिनका इस्तेमाल वे अपने उपकरणों और 5G सेवाओं की टेस्टिंग के लिए कर सकती थीं। यह टेस्टिंग फेज अब पूरा हो चुका है।
5G टेक्नोलॉजी के साथ यूजर्स को बेहतर हाई-स्पीड इंटरनेट अनुभव मिलने की उम्मीद की जा रही है।
तीन गुना बेहतर स्पेक्ट्रम इफीशिएंसी और अल्ट्रा-लो लेटेंसी के साथ अलग-अलग सेक्टर्स और IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल का तरीका बदलेगा।
संभावनाएं
भारत में तेजी से बढ़ेगा 5G का शेयर
एरिक्सन ने बीते दिनों अपनी मोबिलिटी रिपोर्ट से शेयर की है, जिसमें 5G टेक्नोलॉजी से जुड़े यूजर्स के अनुभव पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2027 के आखिर तक भारत में मोबाइल सब्सक्रिप्शन का करीब 39 प्रतिशत शेयर 5G यूजर्स का होगा।
रिपोर्ट मानती है कि 4G टेक्नोलॉजी साल 2027 में भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाएगी लेकिन इसके मौजूदा मार्केट और यूजरबेस में कमी देखने को मिलेगी।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
भारत की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के पास अभी 3300 से 3400MHz बैंड स्पेक्ट्रम उपलब्ध हैं। वहीं, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपनी जरूरतों के लिए 3400 से 3425Mhz बैंड स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करती है। इन स्पेक्ट्रम्स का इस्तेमाल 5G के लिए नहीं किया जाएगा।