
लंबा होगा इंतजार! 2023 से पहले इंस्टाग्राम, फेसबुक मेसेंजर को नहीं मिलेगा एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन
क्या है खबर?
मेटा की हेड ऑफ सेफ्टी एंटिगॉन डेविस ने बताया है कि फेसबुक मेसेंजर और इंस्टाग्राम ऐप्स को बाय डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन साल 2023 में मिलेगा।
पहले यह सुधार 2022 में होने वाला था और कंपनी ने अप्रैल, 2021 में एक ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी दी थी।
वहीं, मेटा फैमिली की लोकप्रिय मेसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप में सभी चैट्स और कॉल्स के लिए लंबे वक्त से यह एनक्रिप्शन दिया जा रहा है।
एनक्रिप्शन
क्या होता है एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन?
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मेसेज भेजने और उसे रिसीव करने वालों के बीच काम करता है।
सेंडर की ओर से भेजा गया मेसेज एनक्रिप्ट होकर कोड में बदल जाता है, जिसे केवल रिसीवर डिक्रिप्ट कर सकता है।
यानी कि बीच में कोई थर्ड-पार्टी या फिर प्लेटफॉर्म खुद भी मेसेज ऐक्सेस नहीं कर सकता। इस तरह ऐप पर मेसेजिंग या कॉलिंग पूरी तरह प्राइवेट और सुरक्षित होती है।
अभी व्हाट्सऐप के अलावा टेलीग्राम और सिग्नल में ऐसा एनक्रिप्शन मिलता है।
रिपोर्ट
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलने में होगी देरी
डेविस ने संडे टेलीग्राफ को लिखा, "हम साल 2023 से पहले हमारी सभी मेसेजिंग सेवाओं के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बाय डिफॉल्ट इनेबल नहीं करेंगे और इसे ठीक से लागू करने के लिए पूरा वक्त ले रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि कंपनी एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के बिना भी यूजर्स को ऑनलाइन सुरक्षा देती रहेगी और उनके कन्वर्सेशंस को पूरी प्राइवेसी देगी।
जबकि अब तक कंपनी 2022 में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन से जुड़े विकल्प देने की बात कह रही थी।
वजह
एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलने में इसलिए देरी
मेटा नहीं चाहती कि उसकी मेसेजिंग सेवाओं का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाए और एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के चलते ऐसा करने वाले बच जाएं।
डेविस ने लिखा कि मेटा की कोशिश यूजर्स को सुरक्षित रखते हुए किसी आपराधिक गतिविधि की स्थिति में अथॉरिटीज को जानकारी देने की है और इसके लिए कंपनी अपनी ऐप्स में नॉन-एनक्रिप्टेड डाटा, अकाउंट इन्फॉर्मेशन और यूजर्स की ओर से फाइल की गईं रिपोर्ट्स का इस्तेमाल कर सकती है।
सीक्रेट चैट
मेसेंजर ऐप में मिलता है सीक्रेट चैट का विकल्प
व्हाट्सऐप में जहां सभी चैट्स और कॉल्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बाय डीफॉल्ट इनेबल होता है, वहीं इंस्टाग्राम डायरेक्ट मेसेज (DM) और फेसबुक मेसेंजर में ऐसा नहीं है।
फेसबुक मेसेंजर से की जाने वालीं वीडियो और वॉइस कॉल्स भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती हैं।
इसके अलावा मेसेंजर में यूजर्स को 'सीक्रेट चैट' नाम से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन इनेबल करने वाला फीचर मिलता है, जिसे अलग-अलग कॉन्टैक्ट्स के लिए जरूरत होने पर यूजर्स इनेबल कर सकते हैं।
घोषणा
मार्क जुकरबर्ग ने दो साल पहले की थी घोषणा
मेटा फैमिली की सभी ऐप्स में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन देने की घोषणा साल 2019 में फेसबुक CEO मार्क जुकरबर्ग की ओर से की गई थी।
जुकरबर्ग ने प्राइवेसी को महत्व देते हुए अपना 'फ्यूचर इज प्राइवेट' विजन शेयर किया था।
उन्होंने वादा किया था कि कंपनी के कोर प्रोडक्ट्स जैसे- फेसबुक, मेसेंजर और इंस्टाग्राम पहले से ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेट नेटवर्क्स बनेंगे।
हालांकि, उन्होंने ये बदलाव किए जाने से जुड़ी टाइमलाइन नहीं शेयर की थी।
चुनौती
इसलिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलने में दिक्कत
एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होने पर सेंडर और रिसीवर के अलावा खुद फेसबुक और मेटा भी यूजर्स के मेसेज नहीं पढ़ सकेंगी।
यूजर्स प्राइवेसी के लिए यह अच्छा है लेकिन सरकारों और अथॉरिटीज को इसपर आपत्ति है।
उनका मानना है कि एनक्रिप्शन का फायदा उठाकर प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल अपराध के लिए किया जा सकता है।
भारत में भी बीते दिनों व्हाट्सऐप और सरकार के बीच इस बात को लेकर खींचतान दिल्ली हाई कोर्ट में देखने को मिल चुकी है।