
व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, मेसेंजर और फेसबुक ऐप्स में दिखने लगी मेटा ब्रैंडिंग, मिला अपडेट
क्या है खबर?
व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, मेसेंजर और दूसरी फेसबुक ऐप्स में कंपनी के नए नाम 'मेटा' की ब्रैंडिंग दिखना शुरू हो गई है।
एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अब तक इन ऐप्स में 'फ्रॉम फेसबुक' लिखा नजर आता था, जहां फेसबुक को मेटा से रिप्लेस कर दिया गया है।
फेसबुक ने पिछले सप्ताह ही अपना नाम बदलने की घोषणा की है और नया नाम इमर्सिव सोशल मीडिया अनुभव की दिशा में फेसबुक का निवेश दर्शाता है।
बदलाव
ऐप्स की स्प्लैश स्क्रीन पर दिखा मेटा
सबसे पहले एंड्रॉयड और iOS डिवाइसेज पर पिछले सप्ताह व्हाट्सऐप बीटा वर्जन्स में नई ब्रैंडिंग देखने को मिली।
व्हाट्सऐप के अलावा फेसबुक की ओनरशिप वाली इंस्टाग्राम, मेसेंजर और फेसबुक ऐप के लेटेस्ट वर्जन में स्प्लैश स्क्रीन पर नई ब्रैंडिंग नजर आ रही है।
हालांकि, इन ऐप्स में ब्रैंडिंग के अलावा भी कोई बदलाव किए जाएंगे या नहीं, साफ नहीं है।
जानना जरूरी है कि केवल पैरेंट कंपनी का नाम बदला है और दूसरी सेवाओं के नाम पहले जैसे रहेंगे।
ब्रैंडिंग
दो साल पहले दिखना शुरू हुई थी ब्रैंडिंग
साल 2019 में सोशल मीडिया कंपनी ने अपनी ऐप्स व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम में भी ब्रैंडिंग दिखाने की शुरुआत की थी।
इस तरह कंपनी यूजर्स के लिए हाइलाइट करना चाहती थी कि इसकी ऐप फैमिली सिर्फ फेसबुक और फेसबुक मेसेंजर तक सीमित नहीं है।
कई साल से व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम फेसबुक फैमिली का हिस्सा थे लेकिन इनसे जुड़े बदलाव उन्हें नहीं दिखाए जा रहे थे।
अब फेसबुक इन ऐप्स के इंटीग्रेशन पर भी काम कर रही है।
मेटा
सोशल मीडिया कंपनी से कहीं ज्यादा है मेटा
पिछले सप्ताह व्हाट्सऐप हेड विल कैथकार्ट ने मेसेजिंग ऐप में नई ब्रैंडिंग दिखाए जाने की घोषणा की।
विल ने कहा कि यह बदलाव इस बात को दिखाता है कि व्हाट्सऐप 'फेसबुक से कहीं ज्यादा' है।
उन्होंने कहा, "हमारे यूजर्स समझ पाएंगे कि वे मेटा से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल रोजाना कर रहे हैं।"
फेसबुक का नाम बदलते हुए मार्क जुकरबर्ग ने भी यही कहा था कि मेटा कंपनी के फ्यूचर प्रोडक्ट्स और प्लान्स को बेहतर ढंग से परिभाषित करता है।
जरूरत
फेसबुक को क्यों बदलना पड़ा नाम?
जुकरबर्ग ने कहा था कि फेसबुक नाम कंपनी की ओर से ऑफर की जाने वाली सभी सेवाओं और प्रोडक्ट्स को नहीं दिखाता और केवल एक प्रोडक्ट से ही जुड़ा है।
उन्होंने कहा, "बदलते वक्त के साथ मुझे उम्मीद है कि हमें मेटावर्स कंपनी के तौर पर देखा जाएगा।"
कंपनी के नाम में बदलाव फेसबुक का मेटावर्स की ओर फोकस दिखाता है और फेसबुक अब केवल सोशल मीडिया कंपनी तक सीमित नहीं है।
मेटावर्स
कैसा होगा फेसबुक का मेटावर्स?
मेटावर्स को इंटरनेट का भविष्य माना जा रहा है और फेसबुक पहले भी इसकी चर्चा करती रही है।
कंपनी यह मेटावर्स वर्चुअल रिएलिटी, ऑगमेंटेड रिएलिटी, VR हेडसेट्स, IoT और दूसरी तकनीकों के साथ तैयार करेगी, जो यूजर को वर्चुअली असली दुनिया जैसा अनुभव देती हैं।
यानी कि यूजर्स अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ वर्चुअल दुनिया में वक्त बिता पाएंगे।
फेसबुक के अलावा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ऐपल भी ऐसी वर्चुअल दुनिया तैयार करने पर काम कर रही हैं।