
रूस से युद्ध में यूक्रेन की मदद कर रहा है एलन मस्क का स्टारलिंक, जानें कैसे
क्या है खबर?
रूस और यूक्रेन युद्ध पिछले कई दिनों से जारी है और दोनों ही देश इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।
यूक्रेन ने ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त होने के बाद अमेरिकी अरबपति और स्टारलिंक CEO एलन मस्क से मदद मांगी थी, जो यूक्रेन के समर्थन में आ गए हैं।
मस्क ने ट्वीट कर बताया है कि उनकी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं यूक्रेन में ऐक्टिवेट कर दी गई हैं।
आइए जानते हैं कि यह फैसला यूक्रेन की कैसे मदद कर सकता है।
मामला
यूक्रेन ने एलन मस्क से मांगी थी मदद
यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और मिनिस्टर ऑफ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिखालिओ फेडोरोव ने ट्विटर पर एलन मस्क से उनके देश में स्टारलिंक की सेवाएं देने को कहा था।
फेडोरोव ने कहा था कि यूक्रेन में इंटरनेट सेवाएं तबाह होने के चलते नागरिकों के सामने दिक्कतें आ रही हैं और एलन मस्क को स्पेस-X की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा का फायदा युद्ध में फंसे उनके देश को देना चाहिए।
एलन मस्क ने इस ट्वीट का जवाब दिया और यूक्रेन की बात मान ली।
ट्वीट
यूक्रेन मंत्री ने ट्वीट में क्या लिखा था?
मिखालिओ फेडोरोव ने अपने ट्वीट में मस्क को मेंशन करते हुए लिखा, 'एलन मस्क, ऐसे समय में जब आप मंगल ग्रह पर इंसानी कॉलोनी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, रूस यूक्रेन पर कब्जा करना चाहता है! जहां आपके रॉकेट अंतरिक्ष से सुरक्षित वापस लौट आते हैं, रूस के रॉकेट्स यूक्रेन के आम लोगों पर हमला कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि आप यूक्रेन को स्टारलिंक स्टेशंस दें, जिससे हम रूसी सेना का मुकाबला कर सकें।'
जवाब
मस्क ने मान ली यूक्रेन की बात
थोड़ी ही देर में ट्वीट का जवाब देते हुए एलन मस्क ने लिखा, 'स्टारलिंक की सेवाएं अब यूक्रेन में ऐक्टिव हो गई हैं। ज्यादा टर्मिनल्स इसके लिए काम कर रहे हैं।'
दरअसल, यूक्रेन में रूस की ओर से किए गए हवाई हमलों और घुसपैठ के चलते वहां की इंटरनेट व्यवस्था प्रभावित हुई है।
यूक्रेन के बड़े इलाकों में रहने वाले लोग इंटरनेट ना होने की वजह से पूरी तरह कट गए हैं, जिनके लिए स्टारलिंक सेवा मददगार साबित होगी।
टेक्नोलॉजी
ऐसे काम करता है स्टारलिंक नेटवर्क
स्टारलिंक दरअसल लो-अर्थ ऑर्बिटर (पृथ्वी की निचली कक्षा) में भेजे गए ढेर सारे छोटे सैटेलाइट्स का नेटवर्क है, जिसकी मदद से सुदूर क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं दी जाती हैं।
सामान्य सैटेलाइट्स के मुकाबले स्टारलिंक के सैटेलाइट्स पृथ्वी की सतह से 60 गुना पास हैं।
इतना पास होने के चलते स्टारलिंक बेहतर लेटेंसी और इंटरनेट स्पीड यूजर्स को देगी।
कंपनी ने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के साथ मिलकर सैटेलाइट्स की चमक कम रखी है, जिससे अंतरिक्ष ऑब्जर्वेशन के दौरान दिक्कत ना आए।
फायदा
युद्ध की स्थिति में ऐसे मिलेगा फायदा
सैटेलाइट आधारित होने के चलते स्टारलिंक का जमीन पर बने स्टेशंस और ब्रॉडबैंड नेटवर्क्स से कोई कनेक्शन नहीं है।
ऐसे में किसी तरह के बाहरी हमले से स्टारलिंक नेटवर्क को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
सैटेलाइट इंटरनेट के लिए किसी तरह की वायरिंग और केबल की जरूरत नहीं पड़ती, यानी कि इससे सुदूर क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है।
स्टारलिंक यूक्रेन को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़े रखेगी और युद्ध के दौरान यहां कम्युनिकेशन सिस्टम प्रभावित नहीं होगा।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
टेस्टिंग के दौरान बीटा फेज में स्टारलिंक की मदद से 50Mbps से 150Mbps की स्पीड यूजर्स को मिल रही है। साल 2022 के आखिर तक यह स्पीड लगभग दोगुनी होकर 300Mbps तक पहुंचने की बात कही गई है।