
क्या राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में व्यवधान पैदा कर रही असम सरकार?
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम की सरकार पर 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया है।
सोमवार को मोरीगांव जिला प्रशासन ने उन्हें पदयात्रा और नुक्कड़ सभा आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद राहुल अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
प्रशासन ने शांति व्यवस्था भंग होने का हवाले देते हुए उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया।
आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
मामला
आज क्या हुआ?
राहुल का सोमवार को असमिया संत और विद्वान श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बोरदोवा थान मंदिर जाने का कार्यक्रम था। उन्हें रास्ते में ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि दोपहर 3:00 बजे के बाद राहुल मंदिर जा सकते हैं।
इसके अलावा उनका बिहुटोली पुलिस प्वाइंट और मोरीगांव शहर में नुक्कड़ सभा और श्रीमंत शंकरदेव चौक से पदयात्रा का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था, लेकिन जिला आयुक्त ने उन्हें इसकी भी अनुमति प्रदान नहीं दी।
प्रशासन
जिला प्रशासन ने क्या कहा?
मोरीगांव जिला प्रशासन ने कहा कि कांग्रेस की पदयात्रा और राम मंदिर उद्घाटन का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व असामाजिक गतिविधियों में शामिल होकर जिले में कानून और शांति व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं।
मोरीगांव जिला आयुक्त देवाशीष सरमा ने कांग्रेस पदाधिकारियों से कहा कि वह खुफिया इनपुट के आधार पर मोरीगांव में पदयात्रा और अन्य कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी गई।
कांग्रेस
यात्रा के दौरान कांग्रेस को और क्या परेशानी हुई?
20 जनवरी को असम के लखीमपुर में न्याय यात्रा से एक दिन पहले शरारती तत्वों ने देर शाम कांग्रेस के बैनर-पोस्टर फाड़ दिए थे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।
इस हमले का वीडियो भी सामने आया था, जिनमें असामाजिक तत्वों को यात्रा के वाहनों में तोड़-फोड़ करते हुए देखा जा सकता है।
कांग्रेस ने यात्रा काफिले और कार्यकर्ताओं पर हमलों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था। घटना में उसके 3 कार्यकर्ता घायल हो गए थे।
21 जनवरी
लखीमपुर में जयराम रमेश के काफिले पर हुआ हमला
21 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश से लगे सीमावर्ती इलाके से होकर न्याय यात्रा असम के लखीमपुर पहुंची थी। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के काफिले को रोक दिया और जमकर नारेबाजी की।
इसके अलावा प्रशासन ने कांग्रेस को शहर के मुख्य मार्गों से यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यात्रा के दौरान अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में हिंसा भड़क सकती है, इसलिए अनुमति नहीं दी जा रही।
कांग्रेस
कांग्रेस का मामले पर क्या कहना है?
असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सरमा की कूटनीति ने बोरदोवा थान के महत्व को धूमिल कर उसका अपमान किया है।
उन्होंने कहा, "भाजपा नहीं चाहती थी कि प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कोई और चेहरा टीवी पर नजर आए। एक अफवाह भी फैलाई कि राहुल जी के मंदिर जाने से कानून-व्यवस्था भंग हो सकती है और वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम बाधित हो सकता है, जो कार्यक्रम मंदिर में हो ही नहीं रहा था।"