
सरकार 16 दिसंबर को लोकसभा में पेश करेगी 'एक देश एक चुनाव' विधेयक
क्या है खबर?
'एक देश एक चुनाव' के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुरुवार को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सोमवार को लोकसभा के साथ-साथ राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए यह नया विधेयक पेश करेंगे।
इस विधेयक को आगे की कार्यवाही के लिए शुक्रवार को ही सभी सांसदों को भेज दिया गया है।
विधेयक
क्या है 'एक देश एक चुनाव' मसौदा विधेयक?
'एक देश एक चुनाव' मसौदा विधेयक के अनुसार, पूरे देश में लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराए जाने हैं। इस विधेयक को आम चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक में राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित किया जाना है। उसके बाद ही इसकी तारीख का फैसला होगा।
संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, इस नियत तारीख के बाद निर्वाचित सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के साथ समाप्त हो जाएगा, जिससे एकसाथ चुनाव का रास्ता साफ होगा।
जानकारी
साल 2034 से हो सकते हैं एकसाथ चुनाव
चूंकि 2024 में निर्वाचित लोकसभा की पहली बैठक हो चुकी है, इसलिए नियुक्त तिथि को 2029 के निर्वाचित सदन की पहली बैठक के लिए अधिसूचित किया जा सकता है। मतलब कि 2034 में सदन का कार्यकाल पूरा होने पर एकसाथ चुनाव हो सकते हैं।
बदलाव
विधेयक से क्या होगा बदलाव?
विधेयक एक नया अनुच्छेद 82(A) (लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए एकसाथ चुनाव) जोड़ता है और अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानसभाओं की अवधि) और अनुच्छेद 327 (विधानसभाओं के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति) में संशोधित करता है।
इस प्रस्ताव को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में समिति ने 18,626 पन्नों की रिपोर्ट के साथ मार्च 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा था।