
आगरा: फाइनेंस कंपनी द्वारा सीज की गई यात्रियों से भरी बस को पुलिस ने किया बरामद
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार देर रात को चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
रात करीब 02:15 बजे इटावा टोल के पास गुरुग्राम से मध्य प्रदेश के पन्ना जा रही 34 यात्रियों से भरी निजी बस को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने रोक लिया।
कर्मचारी चालक-परिचालक को उताकर बस को यात्रियों सहित अपने साथ ले गए।
सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बाद में पुलिस ने बस को झांसी के पास से बरामद कर लिया।
प्रकरण
आरोपियों को खुद को बताया था फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी
जी न्यूज के अनुसार आगरा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बबलु कुमार ने बताया कि ग्वालियर के डबरा निवासी बस चालक रमेश मंगवलार शाम को गुड़गांव से सवारियों को लेकर पन्ना जिले के अमानगंज के लिए निकला था।
देर रात कार सवार आरोपियों ने मलपुरा क्षेत्र में न्यू दक्षिणी बाइपास के पास ओवरटेक कर बस को रोक लिया।
इस दौरान उन्होंने खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया और बस चालक और परिचालक को जबरन अपनी कार में बैठा लिया।
वारदात
आरोपी सवारियों सहित बस को अपने साथ ले गए
ASP ने बताया कि आरोपी चालक-परिचालक और बस को लेकर फतेहाबाद होते हुए लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए। यहां उन्होंने एक ढाबे पर खाना खाया और चालक-परिचालक को भी खिलाया।
आरोपियों ने परिचालक से सवारियों के किराए के पैसे वापस कराए और सवारियों समेत बस लेकर रवाना हो गए।
आरोपियों ने चालक-परिचालक को 300-300 रुपये देकर कुबेरपुर के पास छोड़ दिया। तड़के चार बजे चालक- परिचालक ने मलपुरा थाने शिकायत दर्ज करा दी।
हालात
चालक-परिचालक की सूचना से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
चालक-परिचालक द्वारा बस सीज किए जाने सूचना देने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई और टोल प्लाजा के CCTV से कार के नंबर हासिल किए।
इसके अलावा अन्य थाना पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया।पुलिस को लखनऊ एक्सप्रेस-वे और कानपुर हाईवे के टोल प्लाजा के CCTV में बस आगे की ओर जाती नहीं दिखी है।
इस पर पुलिस ने बस को उत्तर प्रदेश और दिल्ली में ही तलाशने का निर्णय किया।
सफलता
पुलिस ने झांसी के पास से बरामद की यात्रियों से भरी बस
ASP ने बताया कि पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद यात्रियों से भरी बस को झांसी के पास से बरामद कर लिया।
हालांकि, पुलिस ने मामले का पूरा खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह कहा है कि वह यात्रियों से बात करने के बाद मामले की पूरी जानकारी दी।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह ) अवनीश अवस्थी ने कहा फाइनेंस कंपनी ने अवैध तरीके से बस को सीज किया है। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
जानकारी
बस मालिक की मंगलवार को हुई मौत
ASP ने बताया कि बस मालिक फाइनेंस की किश्त नहीं चुका पा रहा था और मंगलवार को उसकी मौत हो गई थी। इसके चलते कंपनी को उसके परिवार द्वारा किश्त नहीं चुकाने का डर था। इसको लेकर उसने बस को जब्त कर लिया।
प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस मामले में समाजवादी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
पार्टी ने ट्वीट में लिखा, 'आगरा में 34 यात्रियों से भरी बस का हाईजैक होना अत्यंत दुखद एवं दहला देने वाली घटना है। राज्य में कानून व्यवस्था की इतनी विकट स्थिति है कि बड़ी से बड़ी वारदात कहीं भी अंजाम दी जा रही है। सभी यात्रियों की सलामती की प्रार्थना! एक्शन में आए सरकार, सुनिश्चित हो सभी की सकुशल वापसी।'
मामला दर्ज
फाइनेंस कंपनी के खिलाफ दर्ज किया अपहरण का मामला
ASP ने बताया कि मामले में फाइनेंस कंपनी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन वारदात में शामिल कंपनी के कर्मचारियों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने तथा यात्रियों की सकुशल वापसी कराने के निर्देश दिए थे।