
कोरोना का खतरा: अंतरराज्यीय यात्रा को लेकर किस राज्य ने लगाए हैं क्या प्रतिबंध?
क्या है खबर?
कोरोना वायरस से ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण देश में संक्रमितों की संख्या में बड़ा उछाल आया है।
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्यों ने यात्रा प्रतिबंध सहित कई पाबंदियां लगाई है।
हालांकि, अंतरराज्यीय यात्रा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले से गाइडलाइंस जारी कर रखी है, लेकिन राज्यों को उनके आवश्यकता के अनुसार अधिक प्रतिबंध लगाने की छूट हैं।
आइए जानते हैं अंतरराज्यीय यात्रा पर किस राज्य ने क्या प्रतिबंध लगाए हैं।
गाइडलाइंस
अंतरराज्यीय यात्रा को लेकर क्या है केंद्र सरकार की गाइडलाइंस?
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार, हवाई, रेल, जल या सड़क मार्ग से अंतरराज्यीय यात्रा पर कोई रोक नहीं होगी।
राज्य वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हल्के लक्षण वाले लोगों को RT-PCR रिपोर्ट से छूट देंगे, लेकिन राज्य में प्रवेश में लक्षण दिखने पर एंटीजन टेस्ट किया जा सकता है।
हालांकि, राज्यों को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू करने की छूट है। ऐसे में कई राज्यों ने ठोस कदम उठाए हैं।
#1 #2
गोवा और जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के लिए जरूरी है RT-PCR रिपोर्ट
गोवा सरकार ने राज्य में प्रवेश के लिए 48 घंटे पुरानी RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य कर रखी है। रिपोर्ट नहीं होने पर यात्रियों को 2,000 रुपये चुकाकर टेस्ट कराना होगा।
इसी तरह जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों के 48 घंटे पुरानी RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य कर रखी है। रिपोर्ट नहीं होने पर यात्रियों का मौके पर टेस्ट किया जाएगा और रिपोर्ट के आने तक क्वारंटाइन में रहना होगा। राज्य में तैनात सुरक्षाकर्मियों को नियमों से छूट दी गई है।
#3 #4
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में अनिवार्य है सात दिन का क्वारंटाइन
आंध प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना टेस्ट और सात दिन का संस्थागत क्वारंटाइन अनिवार्य किया है। अन्य राज्यों के यात्रियों के लिए 14 दिन का होम क्वारंटाइन जरूरी है।
कर्नाटक में महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए सात दिन का संस्थागत क्वारंटाइन और उसके बाद 14 दिन का होम क्वारंटाइन अनिवार्य किया गया है। दूसरे राज्यों के यात्रियों के लिए 14 दिन का होम क्वारंटाइन जरूरी है।
जानकारी
तमिलनाडु में क्या लगाई गई है पाबंदी?
तमिलनाडु सरकार ने महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात से आने वाले सभी यात्रियों का RT-PCR टेस्ट अनिवार्य किया है। इसी तरह दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए केवल महामारी के लक्षण दिखने पर ही टेस्ट किया जाएगा।
#5 #6
सिक्किम और दिल्ली में क्या है पाबंदी?
सिक्किम सरकार ने प्रदेश में वाले सभी यात्रियों के लिए 72 घंटे पुरानी RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य की है। रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर मौके पर ही यात्रियों के खर्च पर टेस्ट किया जाएगा।
इसी तरह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आने वाले यात्रियों का रेंडम आधार पर टेस्ट किया जाएगा। आगमन पर सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। संक्रमित मिलने वाले यात्रियों को 10 दिन के लिए आवश्यक होम क्वारंटाइन में रहना होगा।
#7 #8
मध्य प्रदेश और त्रिपुरा में भी लगाई गई है विशेष पाबंदी
मध्य प्रदेश में आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए 72 घंटे पुरानी RT-PCR निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। संक्रमित मिलने वाले यात्रियों को 10 दिन संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जा रहा है।
इसी तरह त्रिपुरा में आने वाले प्रत्येक पांचवें यात्री का कोरोना टेस्ट अनिवार्य है। पिछले 28 दिनों में विदेश यात्रा के इतिहास वाले यात्रियों को रिपोर्ट आने तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है।
जानकारी
पंजाब में यात्रियों का COVA ऐप पर पंजीयन अनिवार्य
पंजाब सरकार ने आने वाले यात्रियों के लिए रैंडम टेस्टिंग अनिवार्य की है। सभी यात्रियों के लिए COVA पंजाब ऐप पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। इसी तरह चंडीगढ़ पहुंचने वालों की रैंडम टेस्टिंग सिर्फ पंजाब वासियों की ही की जा रही है।
#9 #10
हरियाणा और उत्तराखंड में क्या है नियम?
हरियाणा आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य नहीं है, लेकिन सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी है। संक्रमित मिलने वाले यात्रियों को 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन से गुजरना होगा। चंडीगढ़ जाने वाले किसी भी यात्री को स्वयं घोषणा पत्र भरना होगा।
इसी तरह उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आने वाले यात्रियों की रेंडम टेस्टिंग अनिवार्य की है। सभी यात्रियों को राज्य की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है।
जानकारी
नागालैंड में सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है 14 दिन का क्वारंटाइन
नागालैंड सरकार ने राज्य में आने वाले सभी यात्रियों के लिए 14 दिन का संस्थागत क्वारंटाइन अनिवार्य किया है। इसके बाद यात्रियों को अगले 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहना होगा। गंभीर जोखिम वाले मरीजों की 28 दिनों की निगरानी भी आवश्यक है।
संक्रमण
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,55,874 नए मामले सामने आए और 614 मरीजों की मौत दर्ज हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,97,99,202 हो गई है। इनमें से 4,90,462 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 22,36,842 हो गई है।
ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण मामलों में यह उछाल देखने को मिल रहा है। देश में आधिकारिक तौर पर ओमिक्रॉन के 10,000 से अधिक मामले आ चुके हैं।