
बुल्ली बाई ऐप मामला: 3 आरोपी गिरफ्तार, अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना- मुंबई पुलिस
क्या है खबर?
मुंबई पुलिस ने 'बुल्ली बाई' ऐप मामले में दो छात्रों और एक 18 वर्षीय युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
बुधवार को पुलिस ने उत्तराखंड से मयंक रावल नामक छात्र को हिरासत में लिया है। इससे पहले एक इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार झा और मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही 18 वर्षीय श्वेता सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में पता चला है कि श्वेता 'बुल्ली बाई' और तीन अन्य ऐप्स को संचालित कर रही थीं।
पृष्ठभूमि
क्या है यह मामला?
माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर-शेयरिंग प्लेटफॉर्म गिटहब के जरिए किसी ने 'बुल्ली बाई' नाम से एक ऐप बनाई थी, जिस पर सोशल मीडिया से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें चुराकर उनकी 'नीलामी' की जा रही थी।
यहां असल में कोई खरीद-फरोख्त नहीं होती थी, लेकिन इसका मकसद मुस्लिम महिलाओं को नीचा दिखाना, अपमानित करना और उनका मानसिक उत्पीड़न करना था।
पिछले साल जुलाई में भी 'सुल्ली डील' नाम से ठीक ऐसी ही ऐप बनाई गई थी।
बयान
मामले में और लोग भी हो सकते हैं शामिल- पुलिस कमिश्नर
मुंबई पुलिस के कमिश्नर हेमंत नगराले ने कहा कि अभी तक मामले में तीन गिरफ्तारियां हुई हैं। तीसरा आरोपी श्वेता का दोस्त है। इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
NDTV के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार ने बताया कि राज्य से गिरफ्तार हुई युवती गरीब परिवार से संबंध रखती हैं और उसके पिता की मौत हो चुकी है। ऐसा लग रहा है कि पैसे के कारण इन गतिविधियों में शामिल हुई है।
जानकारी
नेपाल के व्यक्ति के संपर्क में थी युवती- सूत्र
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मुख्य आरोपी युवती को नेपाल के किसी व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। पुलिस अब नेपाली नागरिक की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बेंगलुरू से गिरफ्तार किए गए छात्र विशाल कुमार ने पूछताछ में श्वेता का नाम लिया था। कुमार ने बताया कि श्वेता ऐप के लिए काम कर रहे लोगों के संपर्क में थी।
विशाल का काम फोटो एडिट कर ऐप पर अपलोड करने का था।
जानकारी
ऐप पर अपलोड की गई थीं 100 मुस्लिम महिलाओं की फोटो
'बुल्ली बाई' ऐप पर करीब 100 नामचीन मुस्लिम महिला की फोटो अपलोड की गई थी। जिसमें पत्रकार, अभिनेत्री और अन्य महिला कलाकार भी शामिल थीं।
इस ऐप पर इन महिलाओं की फोटो अपलोड कर उनकी नीलामी के लिए 'डील ऑफ द डे' के नाम से बोली भी लगाई जा रही थी।
इन महिलाओं में एक लापता भारतीय छात्र की 65 वर्षीय मां के साथ-साथ पाकिस्तानी नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई भी शामिल थीं।
जांच
दिल्ली और मुंबई में दर्ज हुए मामले
नए साल के पहले दिन दिल्ली की पत्रकार इस्मत आरा ने ऐप पर 'नीलाम' की जा रही अपनी तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया था, 'यह बहुत दुखद है एक मुस्लिम महिला के रूप में नए साल की शुरुआत डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है।'
इसके बाद दिल्ली और मुंबई में मामला दर्ज किया गया था। मुंबई पुलिस इसकी जांच कर रही है और अब तक तीन गिरफ्तारियां हुई हैं।