
कोरोना: फंड की कमी के चलते जीनोम सीक्वेंसिंग में कमी, पांच लैब बंद- रिपोर्ट
क्या है खबर?
ओमिक्रॉन वेरिएंट के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच देशभर में जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाली पांच लैब बंद होने की खबरें आ रही हैं।
जीनोम सीक्वेंसिंग से पता लगाया जाता है कि कोई व्यक्ति वायरस के किस वेरिएंट से संक्रमित है। यह साधारण कोरोना टेस्ट से अलग और जटिल प्रक्रिया होती है।
सूत्रों ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए जरूरी केमिकल रिएजेंट के लिए फंड नहीं आ रहा है और इसके चलते लैब किए गए हैं।
जानकारी
INSACOG का हिस्सा थे बंद हुए लैब
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, बंद हुए पांचों लैब इंडियन SARS-CoV-2 सार्स जेनेटिक कंसोर्टियम (INSACOG) का हिस्सा थे। INSACOG 38 लैब का एक नेटवर्क है, जिसे सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए तैयार किया गया था।
सूत्रों ने कहा कि केमिकल रिएजेंट की कमी के चलते लैब बंद करने पड़े हैं। केमिकल रिएजेंट एक ऐसा पदार्थ होता है, जिसकी मदद से जीनोम सीक्वेंसिग की जाती है। सीक्वेंसिंग की ज्यादा मांग के चलते इसकी कमी पड़ रही है।
कोरोना टेस्टिंग
कम हो रही है सीक्वेंसिंग
पिछले महीने की तुलना में इस महीने जीनोम सीक्वेंसिंग में भारी गिरावट आई है।
नवंबर में ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आने के बाद से देश में लगभग 25,000 सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई है। वहीं महामारी के बाद से अब तक कुल 1.6 लाख सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है।
दिसंबर में केंद्र सरकार ने कहा था कि हर मरीज के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव नहीं है। इसलिए सिस्टमैटिक सैंपलिंग करने की जरूरत है।
जानकारी
राज्यों का भी मरीजों के इलाज पर ज्यादा जोर
केंद्र की तरह राज्यों सरकारों ने भी जीनोम सीक्वेंसिंग पर ज्यादा जोर नहीं दिया था। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि वायरस के वेरिएंट का पता लगाने से ज्यादा जरूरी मरीजों का इलाज करना है।
जीनोम सीक्वेंसिंग
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
जीनोम सीक्वेंसिंग एक पेचीदा वैज्ञानिक टेस्ट होता है, जिसमें RT-PCR सैंपल से RNA को अलग किया जाता है और फिर उसे सीक्वेंस किया जाता है।
यह लंबी प्रक्रिया है और वेरिएंट की पुष्टि करने में 3-4 दिन लग जाते हैं।
यह कोरोना वायरस के कई वेरिएंट का पता लगाने का एकमात्र रास्ता है। यह वायरस में आ रहे बदलावों पर नजर रखने के लिए भी बेहद जरूरी है। देश में कुछ ही जगहों पर इसकी सुविधा उपलब्ध है।
कोरोना वायरस
देश में ओमिक्रॉन के कारण तेजी से बढ़ हैं मामले
भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 3,17,532 नए मामले सामने आए और 491 मरीजों की मौत दर्ज हुई।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,82,18,773 हो गई है। इनमें से 4,87,693 लोगों की मौत हुई है।
सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 19,24,051 हो गई है।
ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण मामलों में यह उछाल देखने को मिल रहा है। देश में आधिकारिक तौर पर ओमिक्रॉन के 9,287 मामले सामने आ चुके हैं।