
IAF में साथी ने किया महिला अधिकारी से रेप, प्रतिबंधित टू फिंगर टेस्ट से की जांच
क्या है खबर?
भारतीय वायुसेना (IAF) में सहकर्मी द्वारा ही महिला अधिकारी को नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दुष्कर्म के बाद उच्चाधिकारियों ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह महिला अधिकारी पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया।
इतना ही नहीं महिला अधिकारी के अपनी बात पर अडिग रहने पर सेना के डॉक्टर ने दुष्कर्म के जांच के लिए प्रतिबंधित टू फिंगर टेस्ट भी किया।
प्रकरण
आरोपी अधिकारी ने 9 सितंबर को दिया था घटना को अंजाम
इंडिया टुडे के अनुसार, तमिलनाडु के कोयंबटूर में IAF प्रशासनिक कॉलेज में तैनात महिला अधिकारी का 9 सितंबर को बास्केटबॉल खेलते समय दाहिना पैर चोटिल हो गया था।
इसके बाद उसने दर्द निवारक दवा ली और शाम को अधिकारियों के मेस बार में अपने सहयोगियों के पास चली गई।
उस दौरान आरोपी अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने उन्हें एक डि्रंक्स पिलाया। इससे उनका जी मिचलाने लगा और वह उल्टी करने लगी। इस पर उसकी दोस्त उसे कमरे में ले गई।
रेप
आरोपी ने नींद की हालत में किया रेप
पीड़ित महिला अधिकारी का आरोप है कि रात को जब वह सो रही थी तो आरोपी उसके कमरे में आ गया और अचेतावस्था में ही उसे चूमने का प्रयास किया।
उसने आरोपी को धकेलना चाहा, लेकिन पैर की चोट के कारण वह कुछ नहीं कर सकी।
बाद में आरोपी अधिकारी ने उसका रेप कर दिया। अगले दिन आरोपी ने उनसे मिलकर माफी मांगी और कार्रवाई का सामना करने को कहा। इसकी उनकी दोस्त ने रिकॉर्डिंग भी की थी।
दबाव
अधिकारियों ने शिकायत वापस लेने के लिए बनाया दबाव
महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब उसने घटना की शिकायत उच्चाधिकारियों से तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से होने वाले परिणामों को लेकर धमकाया तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
इसके बाद जब उसने शिकायत करने का फैसला किया तो IAF डॉक्टर ने उनसे घटना का वीडियो मांगा और दुष्कर्म की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित टू फिंगर टेस्ट किया। इससे उन्हें असहनीय तकलीफ झेलनी पड़ी।
जानकारी
अधिकारियों ने बनाया सब कुछ सहमति से होने का बयान देने का दबाव
महिला अधिकारी ने बताया कि अन्य अधिकारियों ने उस पर सब कुछ सहमति से होने का बयान देने का दबाव बनाया था। यहां तक कहा गया कि जब चोट बर्दास्त कर सकती है तो आरोपी को परिसर में देखने का दर्द भी सह सकती है।
शिकायत
महिला अधिकारी ने 19 सितंबर को दर्ज कराई शिकायत
IAF डॉक्टर और अन्य अधिकारियों के बर्ताव को देखते हुए वह पूरी तरह से टूट गई और उन्होंने मामले में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। उन्होंने 19 सितंबर को कोयंबटूर थाने में ऑनलाइन FIR दर्ज करा दी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी अमितेश को गिरफ्तार कर लिया। महिला अधिकारी ने कहा कि अन्य अधिकारियों द्वारा उन्हें परोक्ष रूप से धमकियां देने तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के कारण शिकायत में देरी हुई है।
हिरासत
कोर्ट ने 30 सितंबर तक बढ़ाई आरोपी की न्यायिक हिरासत
मामले में पुलिस ने आरोपी अमितेश को कोयंबटूर की अतिरिक्त महिला कोर्ट में पेश किया, जहां उसकी न्यायिक हिरासत को 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले में सिविल पुलिस का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। पुलिस को कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के लिए मामले को IAF को हस्तानांतरित कर देना चाहिए।
इधर, पुलिस ने कहा IAF की अनदेखी के बाद महिला अधिकारी सिविल पुलिस के पास पहुंची है।