
12 जनवरी से उपलब्ध होगी देश में बनी ओमिक्रॉन की पहचान करने वाली पहली टेस्टिंग किट
क्या है खबर?
ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाने वाली देश में निर्मित टेस्टिंग किट ओमिस्योर (Omisure) को मंजूरी मिल चुकी है।
टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक ने इस किट को विकसित किया है और यह नाक और गले से सैंपल लेकर संक्रमण का पता लगाती है।
किट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान (ICMR) से हरी झंडी मिल चुकी है और यह 12 जनवरी से व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगी। ओमिक्रॉन के साथ-साथ यह दूसरे वेरिएंट का भी पता लगा सकती है।
दावा
किट देती है 100 प्रतिशत सटीक नतीजे- कंपनी
कंपनी का दावा है कि यह किट 100 प्रतिशत सटीकता के साथ नतीजे देती है। यह ओमिक्रॉन की पहचान करने के लिए दो S-gene वायरल टारगेट के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करती है। पहला टारगेट S-gene ड्रॉपआउट और दूसरा टारगेट S-gene म्यूटेशन एम्पलिफिकेशन पर आधारित है।
कंपनी का कहना है कि यह किट कोरोना टेस्टिंग और ओमिक्रॉन स्क्रीनिंग को आसान और किफायती बनाने में मदद करेगी।
ओमिक्रॉन की पहचान के लिए देश में केवल इसी किट को मंजूर मिली है।
जानकारी
घर पर इस्तेमाल नहीं हो सकेगी किट
इस किट को बनाने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ वी रवि ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह होम टेस्टिंग किट नहीं है। यह वायरल जेनेटिक्स मेटेरियल का पता लगाती है न कि वायरल एंटीजन का। यह रैपिड एंटीजन टेस्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष उपकरणों, प्रशिक्षित लोगों और बायो सेफ्टी माहौल की जरूरत पड़ेगी। ओमिस्योर रियल टाइम PCR टेस्ट है और इसे घर पर नहीं किया जा सकता।
कोरोना टेस्ट
नतीजे आने में लगेगा 2-2.5 घंटे का समय
रवि ने बताया कि बताया कि उनकी टीम ने नवंबर के अंत में इस किट पर काम शुरू किया था। ओमिक्रॉन का पहला मामला सामने आते ही किट की जांच के लिए इसे ICMR के पास भेज दिया गया था। यह सैंपल लेने से नतीजे देने तक 2-2.5 घंटे का समय लेती है।
उन्होंने दावा किया कि यह दुनियाभर में सबसे तेजी से बनी किट है और इसके निर्यात के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
कोरोना संकट
पूरे देश में डेल्टा की जगह ले सकता है ओमिक्रॉन- रवि
रवि कर्नाटक की जीनोम सीक्वेंसिंग कमेटी के प्रमुख और नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई में ओमिक्रॉन पूरी तरह पैर पसार रहा है और इसने डेल्टा वेरिएंट की जगह ले ली है। जल्द ही पूरे देश में ऐसा हो जाएगा।
उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील करते हुए कहा कि अभी ओमिक्रॉन को हल्का समझ लेना ठीक नहीं है। इस दिशा में पर्याप्त आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
कोरोना वायरस
देश में ओमिक्रॉन के कारण आई तीसरी लहर
देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है और इसका असर दैनिक मामलों पर दिख रहा है।
केंद्र सरकार की वैक्सीनेशन टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ एनके अरोड़ा ने कहा कि भारत कोरोना महामारी की तीसरी लहर में पहुंच चुका है। यह पूरी लहर कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से ही आई है। महानगरों में 75 प्रतिशत संक्रमण के नए मामले ओमिक्रॉन के ही मिल रहे हैं।