
दिल्ली में फिर से क्यों बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले? जानें संभावित कारण
क्या है खबर?
लगभग एक महीने तक राहत के बाद दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। बुधवार को यहां 1,693 नए मामले सामने आए जो पिछले 45 दिन में सबसे अधिक हैं।
शहर में अब तक कुल 1,65,764 लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है और नए मामलों में वृद्धि के कारण सक्रिय मामले बढ़कर 12,520 हो गए हैं।
दिल्ली में मामलों में फिर से उछाल क्यों आया है, आइए इसके संभावित कारणों के बारे में बताते हैं।
#1
मास्क पहनने को लेकर लापरवाह हैं लोग
दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने का एक कारण फेस मास्क पहनने को लेकर लोगों की लापरवाही है। 'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस मास्क न पहनने के लिए 23 अगस्त तक 1.75 लाख लोगों पर जुर्माना लगा चुकी है।
लोगों की यही लापरवाही दिल्ली को भारी पड़ रही है और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव भी मास्क न पहनने वाले लोगों के महामारी को बढ़ाने की बात कह चुके हैं।
#2
शहर खुलने के साथ-साथ बढ़े मामले
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ इकट्ठा न होना बेहद अहम है। हालांकि शहर के खुलने के बाद दिल्ली में ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले शहर को खोलने के साथ-साथ बढ़े हैं। होटलों और साप्ताहिक बाजारों को पिछले हफ्ते ही खोला गया है और तभी से मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है।
#3
टेस्टिंग में कमी मामलों में वृद्धि का बड़ा कारण
दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में फिर से उछाल का एक बड़ा कारण पिछले एक महीने में टेस्टों की संख्या में कमी आना भी है। शहर में अभी रोजाना औसतन 17,924 टेस्ट किए जा रहे हैं, वहीं 9 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में ये आंकड़ा 21,660 था।
विशेषज्ञ टेस्टिंग में इस गिरावट पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस बात को स्वीकार किया है और टेस्टिंग दोगुना करने की बात कही है।
#4
ज्यादा एंटीजन टेस्ट करने से छूट रहे पॉजिटिव मामले
दिल्ली में कोरोना वायरस की टेस्टिंग के साथ एक और समस्या यह है कि यहां RT-PCR टेस्ट के मुकाबले एंटीजन टेस्ट ज्यादा किए जा रहे हैं। ICMR के अनुसार, भारत में औसतन 30-40 प्रतिशत एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली में ये आंकड़ा लगभग 70 प्रतिशत है।
एंटीजन टेस्ट RT-PCR टेस्ट के मुकाबले कम भरोसेमंद होते हैं और गलत नेगेटिव दिखा देते हैं। इस कारण कई पॉजिटिव लोग छूट जाते हैं और वे समुदाय में कोरोना फैलाते हैं।
#5
क्या दिल्ली में आ रही संक्रमण की दूसरी लहर?
दिल्ली में मामलों में दोबारा वृद्धि के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि दिल्ली सरकार और विशेषज्ञ अभी तक इससे इनकार कर रहे हैं, लेकिन निकट भविष्य में ऐसा होने की संभावना बनी हुई है।
संक्रमण पर नियंत्रण पाने में कामयाब रहे कई देशों में भी संक्रमण की दूसरी लहर देखने को मिली है। हालांकि अच्छी खबर ये है कि दूसरी लहर पहली लहर के मुकाबले कम खतरनाक रही है।