
जानबूझकर कर्ज नहीं चुका रहीं 2,664 कंपनियां, बैंकों के बकाया हैं 1.96 लाख करोड़ रुपये
क्या है खबर?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों की सूची जारी की है। इसमें 2,664 कंपनियों के नाम हैं, जिन पर बैंकों के 1.96 लाख करोड़ रुपये बकाया है।
भगोड़े मेहुल चोकसी से संबंधित एक कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड पर सबसे ज्यादा 8,516 करोड़ रुपये बकाया है।
RBI के अनुसार, मार्च 2020 में ऐसी कंपनियों की संख्या 2,154 थी, जो मार्च 2024 में बढ़कर 2,664 हो गई है।
राशि
4 साल में बकाया 1.52 से 1.92 लाख करोड़ हुआ
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बीते 4 साल में जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों की बकाया राशि 1,52,860 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,96,441 करोड़ हो गई है।
जहाज निर्माण क्षेत्र की कंपनी ABG शिपयार्ड पर 4,684 करोड़ रुपये का बकाया है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा किए गए ऑडिट के दौरान कंपनी के शीर्ष प्रबंधन पर धन के हेरफेर के आरोप लगे थे।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सितंबर, 2022 में कंपनी के प्रमोटर ऋषि अग्रवाल को गिरफ्तार भी किया था।
सूची
किन कंपनियों पर है सबसे ज्यादा कर्ज?
RBI के मुताबिक, कॉनकास्ट स्टील एंड पावर पर 4,305 करोड़, एरा इन्फ्रा इंजीनियरिंग पर 3,637 करोड़, REI एग्रो पर 3,350 करोड़, विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी पर 2,927 करोड़, ट्रांसस्ट्रॉय पर 2,919 करोड़, रोटोमैक ग्लोबल पर 2,894 करोड़, जूम डेवलपर्स पर 2,217 करोड़ और यूनिटी इंफ्राप्रोजेक्ट्स पर 1,987 करोड़ रुपये का कर्ज है।
तीसरी सबसे ज्यादा बकाए वाली कॉनकास्ट स्टील एंड पावर के मालिक संजय सुरेका को 18 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है।
REI
REI के MD भी हुए थे गिरफ्तार
3,350 करोड़ बकाए वाली REI एग्रो के प्रबंध निदेशक (MD) संदीप झुनझुनवाला को ED ने 2018 में गिरफ्तार किया था।
उन पर बैंकों के एक संघ को धोखा देने के आरोप में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया था। ED से पहले CBI ने भी झुनझुनवाला के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसी साल जून में NCLT ने 3,637 करोड़ रुपये बकाया वाली एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग के SA इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण को मंजूरी दी थी।
विनसम डायमंड्स
लंदन भाग गया है विनसम डायमंड्स का प्रमोटर जतिन मेहता
सूची में एक चौंकाने वाला नाम विनसम डायमंड्स का है, जिसका प्रमोटर भगोड़ा जतिन मेहता है।
मेहता धोखाधड़ी का पता चलते ही ब्रिटेन भाग गया था। मेहता पर करीब 8,000 करोड़ रुपये की हेरफेर के आरोप हैं।
2022 में लंदन की एक कोर्ट ने 2022 में मेहता और उसके परिवार के खिलाफ फ्रीजिंग ऑर्डर जारी किया था। मेहता ने इसे चुनौती दी थी, लेकिन राहत नहीं मिली थी।
इस मामले पर कांग्रेस भी सरकार को घेरती रही है।