
महाराष्ट्र: पूर्ण लॉकडाउन के आसार कम, लोगों की आवाजाही पर लग सकती हैं कड़ी पाबंदियां
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजो की संख्या में तेज इजाफे के बीच राज्य सरकार नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करेगी।
सरकार अभी पूर्ण लॉकडाउन पर विचार नहीं कर रही है, लेकिन 1 अप्रैल तक आने वाली नई SOP में लोगों की आवाजाही पर ज्यादा पाबंदियां लगाई जाएंगी।
गौरतलब है कि राज्य के कोरोना संक्रमण के कारण बिगड़ते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री अधिकारियों को लॉकडाउन की तैयारियां शुरू करने के आदेश दे चुके हैं।
महाराष्ट्र में कोरोना
मार्च में सामने आ चुके हैं लगभग छह लाख मामले
फरवरी के बाद से कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेज इजाफा देख रहे महाराष्ट्र में इस महीने लगभग छह लाख नए मामले सामने आ चुके हैं और 2,100 से अधिक मरीजों की जान गई है।
रविवार को राज्य में 40,000 से अधिक संक्रमित मिले, जो महामारी की शुरुआत के बाद एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले थे।
सोमवार को यहां 31,000 से ज्यादा मरीज मिले, जिसके बाद सक्रिय मामलों की संख्या 3.36 लाख पहुंच गई है।
महाराष्ट्र
SOP में क्या हो सकता है?
इंडियन एक्सप्रेस ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि नई SOP आने के बाद लोकल ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा और आर्थिक गतिविधियों पर इसका न्यूनतम असर होगा, लेकिन रेस्टोरेंटर, मॉल्स, प्राइवेट ऑफिस, पब और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ इकट्ठी होने से रोकने के लिए कड़ी पाबंदियां लगाई जाएंगी।
इसके अलावा सभी कार्यलयों को 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ संचालन को कहा जाएगा ताकि किसी जगह पर एक साथ अधिक लोग इकट्ठे न हो सकें।
बयान
"आवाजाही को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदम"
राहत और पुनर्वास विभाग के सचिव असीम गुप्ता ने बताया कि कुछ दिनों तक लोगों की आवाजाही को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अगर इनसे कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी नहीं होती है तो अगले स्तर की पाबंदियों को लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी परिस्थितियां पैदा नहीं करना चाहती, जिससे प्रवासी मजदूरों को फिर घर लौटना पड़े। पिछले साल जैसे मुश्किलों को इस बार नहीं दोहराया जाएगा।
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हालात न सुधरे तो लागू किया जाएगा लॉकडाउन- गुप्ता
गुप्ता ने आगे कहा कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और इनका उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अप्रैल के मध्य तक संक्रमण चरम पर पहुंच जाएगा और उसके बाद मामलों में कमी आना शुरू होगी। तब तक लोगों को कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। अगर ये ऐहतियाती कदम सफल नहीं होते तो लॉकडाउन लागू किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने दिए थे लॉकडाउन की तैयारी के आदेश
इससे पहले रविवार को एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों से लॉकडाउन की तैयारी करने को कहा था।
ठाकरे ने बैठक में कहा था कि राज्य को स्वास्थ्य संकट का भी सामना करना पड़ सकता है और कोरोना मरीजों के इलाज के इंतजाम की कमी पड़ सकती है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि लोग नियम नहीं मान रहे हैं इसलिए प्रशासन को लॉकडाउन की तरफ बढ़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
कोरोना वायरस
महाराष्ट्र और देश में महामारी की क्या स्थिति?
महाराष्ट्र में बीते दिन 31,643 लोगों को संक्रमित पाया गया, वहीं 102 मरीजों की मौत हुई। इसी के साथ यहां कुल संक्रमितों की संख्या 27,45,518 हो गई है। इनमें से 54,283 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं पूरे देश की बात करें तो बीते दिन 56,211 नए मामले सामने आए और 271 मौतें हुईं। इसी के साथ देश में अब तक कुल 1,20,95,855 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 1,62,114 की मौत हुई है।