
कैसे रुकेंगे महिलाओं के खिलाफ अपराध? निर्भया फंड का इस्तेमाल ही नहीं कर रहीं सरकारें
क्या है खबर?
देश में महिलाओं के खिलाफ लगातार होते अपराधों के बीच निर्भया फंड से संबंधित ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सरकारों के प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए बनाए गए निर्भया फंड का किसी भी राज्य ने पूरा इस्तेमाल नहीं किया है और कई राज्यों ने तो इसके एक भी पैसे का इस्तेमाल नहीं किया।
जानकारी
क्या है निर्भया फंड?
दिल्ली के निर्भया गैंग रेप केस के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने के लिए निर्भया फंड बनाया गया था।
इस फंड के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (WCD) के अलावा अन्य मंत्रालय भी कई योजनाएं चलाते हैं।
इसमें गृह मंत्रालय की 13, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की चार, रेल मंत्रालय की दो और सूचना एवं सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और न्याय विभाग की एक-एक योजना शामिल है।
प्रक्रिया
कैसे काम करता है निर्भया फंड?
WCD सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति निर्भया फंड के तहत सभी मंत्रालयों से मिलने वाले प्रस्तावों पर विचार करती है।
शुरूआत में फंड जारी करने का अधिकार भी WCD मंत्रालय के पास था, लेकिन प्रक्रिया की जटिलता को देखते हुए ये अधिकार वित्त मंत्रालय को दे दिया गया।
अब WCD प्रस्तावों को स्वीकृत कर वित्त मंत्रालय के पास भेजती है जो इनके लिए निर्भया फंड के तहत फंड जारी करती है।
आंकड़े
केंद्र सरकार जारी करती है पैसा, राज्य सरकारों को करना होता है इस्तेमाल
WCD मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को लोकसभा में निर्भया फंड से संबंधित आंकड़े पेश किए।
आंकड़ों के अनुसार, फंड के तहत WCD मंत्रालय ने 2013-14 और 2014-15 में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि 2016-17 और 2017-18 में 550 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
पिछले दो सालों 2018-19 और 2019-20 में 550 करोड़ रुपये जारी किए गए।
ये फंड केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को जारी किया जो इसका इस्तेमाल महिलाओं की सुरक्षा के लिए करती हैं।
फंड का इस्तेमाल
पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने नहीं किया एक भी पैसे का इस्तेमाल
आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा और दमन और दीव की सरकारों ने निर्भया फंड से एक भी पैसा खर्च नहीं किया।
वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में फंड के 119 करोड़ रुपये में मात्र छह करोड़ रुपये खर्च किए गए।
तेलंगाना ने उसके हिस्से में आए 103 करोड़ रुपये में से केवल चार करोड़, आंध्र प्रदेश ने 21 करोड़ में नौ करोड़ और बिहार ने 22 करोड़ में से छह करोड़ रुपये खर्च किए।
मंत्रालय
आंध्र प्रदेश ने नहीं किया गृह मंत्रालय के फंड का एक भी पैसा खर्च
अगर मंत्रालयों के हिसाब से देखें तो निर्भया फंड के तहत WCD मंत्रालय द्वारा जारी किए गए फंड का मात्र 20 प्रतिशत उपयोग किया गया।
वहीं सड़क परिवहन मंत्रालय के 25 प्रतिशत और रेल मंत्रालय के 15 प्रतिशत हिस्से को ही खर्च किया जा सका।
गृह मंत्रालय के भी मात्र 20 प्रतिशत फंड का इस्तेमाल किया जा सका। आंध्र प्रदेश ने गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए 58.64 करोड़ फंड में से एक भी पैसा खर्च नहीं किया।
जानकारी
कानून मंत्रालय ने 11 राज्यों को दिया फंड, किसी ने नहीं किया उपयोग
कानून मंत्रालय ने जिन 11 राज्यों को फंड जारी किया उनमें से एक भी राज्य ने इससे एक भी पैसा खर्च नहीं किया। वहीं WCD मंत्रालय ने जिन 12 राज्यों को फंड जारी किया उनमें से आठ राज्यों ने इसका इस्तेमाल नहीं किया।