
महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में CBI ने भूपेश बघेल को बनाया आरोपी, क्या लगाया आरोप?
क्या है खबर?
महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज की है।
CBI ने कांग्रेस नेता बघेल को मामले में नामजद 19 आरोपियों में छठे नंबर पर रखा है। केंद्रीय एजेंसी ने बघेल के खिलाफ कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की FIR के आधार पर की है।
छत्तीसगढ़ पुलिस की EOW ने 18 दिसंबर, 2024 को बघेल के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
आरोप
CBI ने बघेल पर क्या लगाए हैं आरोप?
CBI ने बघेल को महादेव ऐप मामले का लाभार्थी बताया है। बघेल का नाम ऐप के प्रमोटरों ने लिया है।
आरोप लगाया गया है कि बघेल के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) और उनके राजनीतिक सलाहकार को नियमित तौर पर पैसे दिए जाते थे।
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में भी बघेल का नाम आया था, जिसमें 2023 में रायपुर से गिरफ्तार एक व्यक्ति के मोबाइल पर मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग में "मिस्टर बघेल" का नाम लिया गया था।
जांच
बघेल और उनके बेटे के घर पड़ चुका है छापा
कुछ दिन पहले 26 मार्च को CBI ने भूपेश बघेल के आवास पर छापा मारा था। इससे पहले 10 मार्च को ED की टीम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के दुर्ग जिले के आवास में पहुंची थी।
बता दें कि राज्य सरकार ने पिछले साल CBI को महादेव ऐप मामले में विभिन्न थानों में दर्ज 70 मामले और EOW में दर्ज मामलों को सौंप दिया था।
CBI मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी।
घोटाला
क्या है महादेव ऐप का मामला?
महादेव अवैध सट्टेबाजी के लिए बनाई गई ऐप और वेबसाइट का नाम है। इस पर पोकर, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे खेलों पर सट्टा लगाया जाता है।
इसे छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने शुरू किया था। ED को शक है दोनों ने ऐप से करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
दोनों दुबई में गिरफ्तार हो चुके हैं। यह ऐप और वेबसाइट बंद है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी जारी है।
गिरफ्तारी
CBI ने किन-किन लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला?
CBI की FIR में प्रमुख तौर पर रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्र भूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, भूपेश बघेल, नीतीश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, अनिल कुमार दमानी, सुनील कुमार दमानी, भीम सिंह यादव, हरिशंकर तिबारवाल, सुरेंद्र चौखानी, सूरज चौखानी, अज्ञात कई ब्यूरोक्रेट, पुलिस अधिकारी, OSD और कई निजी व्यक्ति शामिल हैं।
FIR में नाम आने के बाद अब बघेल से पूछताछ शुरू हो सकती है।