
मद्रास हाई कोर्ट की आभासी सुनवाई में महिला के साथ अंतरंग होने पर वकील निलंबित
क्या है खबर?
आभासी (वर्चुअल) सुनवाई के दौरान एक वकील की अनुचित हरकत ने मद्रास हाई कोर्ट को शर्मिंदा कर दिया। दरअसल, मद्रास हाई कोर्ट में एकल पीठ के समक्ष एक मामले की आभासी सुनवाई हो रही थी।
उसी दौरान वकील किसी महिला के साथ अंतरंग (अनुचित आचरण) हो गए और उनका कैमरा चालू रहा गया।
इससे उनकी इस हरकत ने सभी का ध्यान खींच लिया। हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए वकील को निलंबित करने के आदेश दे दिए।
प्रकरण
सुनवाई के दौरान महिला के साथ अंतरंग हुआ वकील
NDTV के अनुसार, हाई कोर्ट की एकल पीठ मामलों की आभासी सुनवाई कर रही थी। उस दौरान वकील आरडी संथाना कृष्णन भी किसी मामले की सुनवाई के लिए उपस्थित थी।
हालांकि, उस दौरान किसी अन्य मामले की सुनवाई चल रही थी। ऐसे में वह अपनी बारे आने का इंतजार करने की जगह किसी महिला के साथ अंतरंग हालत में पहुंच गए। उस दौरान उनका कैमरा चालू रहने से उनकी यह हरकत सभी के सामने आ गई।
कार्रवाई
हाई कोर्ट ने दिए वकील को निलंबित करने के आदेश
वकील की इस हरकत को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु बार काउंसिल को उसके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दे दिया।
इसकी पालना में तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल ने सर्वसम्मति ने वकील को निलंबित करते हुए मामले का निपटारा होने तक उसके देश की सभी अदालतों में प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी है।
इसके अलावा काउंसिल ने वकील के ऑनलाइन बर्ताव की कड़े शब्दों में निंदा भी की है।
FIR
हाई कोर्ट ने दिए वकील के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश
इधर, एकल पीठ के जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस आर हेमलता ने संथाना कृष्णन के खिलाफ स्वत: अवमानना कार्यवाही भी शुरू कर दी है।
उन्होंने पुलिस की CB-CID शाखा को वकील के खिलाफ मामला दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच करके 23 दिसंबर को रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह पीठ ने चेन्नई के पुलिस आयुक्त को घटना के वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
बयान
इस तरह की घटनाओं पर मूक दर्शक नहीं बना जा सकता- हाई कोर्ट
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने कहा, "कोर्ट की कार्यवाही के बीच जब सार्वजनिक रूप से इस तरह की अश्लीलता प्रदर्शित की जाती है तो कोर्ट मूकदर्शक बनकर अपनी आंखें नहीं मूंद सकती है। यह पूरी तरह से कोर्ट की अवमानना है।"
पीठ ने आगे कहा, "वकील के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, इस तरह के वीडियो वायरल होने से न्याय व्यवस्था की छवि खराब होती है। ऐसे में उसे रोकने को कहा गया है।"
अन्य
बिस्तर पर लेटे हुए सुनवाई में शामिल हुए पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारी
इसी तरह सोमवार को CBI कोर्ट की आभासी सुनवाई में साल 1994 में लुधियाान में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारी सुमेध सिंह सैनी बिस्तर पर लेटे हुए ही पेश हो गए।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आभासी सुनवाई में मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और भविष्य में ऐसा दुबारा नहीं करने की चेतावनी दी। इस पर सैनी ने कहा कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह बिस्तर पर लेटे थे।