
कोवैक्सिन ने इंसानी ट्रायल के पहले चरण के पहले भाग में दिए उत्साहजनक नतीजे- PGI रोहतक
क्या है खबर?
देश में निर्मित कोरोना वायरस की पहली संभावित वैक्सीन 'कोवैक्सिन' ने इंसानी ट्रायल के शुरुआती चरण में उत्साहजनक नतीजे दिए हैं।
12 शहरों के अस्पतालों को इस वैक्सीन के इंसानी ट्रायल के लिए चुने गए हैं। इनमें से कुछ में ट्रायल शुरू हो गए हैं और कुछ में होना बाकी है।
इसी बीच पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PGIMS) रोहतक ने दावा किया है कि वैक्सीन ने ट्रायल के शुरुआती चरण 'उत्साहजनक' नतीजे दिए हैं।
बयान
पहले चरण के पहले भाग के नतीजे उत्साहजनक- वर्मा
PGI रोहतक में 17 जुलाई को वैक्सीन के इंसानी ट्रायल का पहला चरण शुरू हुआ था।
इस दिन 50 वॉलेंटियर्स को वैक्सीन की खुराक दी गई थी। ट्रायल टीम की प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर डॉक्टर सविता वर्मा ने कहा, "पहले चरण का पहला भाग पूरा हो चुका है। इसके नतीजे उत्साहजनक रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि पहले चरण का दूसरा भाग भी शुरू हो चुका है और छह वॉलेंटियर को खुराक दी जा चुकी है।
कोवैक्सिन
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने तैयार की है वैक्सीन
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर कोवैक्सिन तैयार की है।
NIV ने बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज से वायरस का स्ट्रेन आइसोलेट किया और इसे भारत बायोटेक को भेजा था।
उसके बाद कंपनी ने इसका इस्तेमाल करते हुए हैदराबाद में 'इनएक्टिवेटेड' वैक्सीन बनाने का काम शुरू किया।
इंसानी ट्रायल के लिए मंजूरी लेने से पहले कंपनी ने चूहों और दूसरे जानवरों पर इसका ट्रायल किया था।
इंसानी ट्रायल
शुक्रवार को AIIMS में शुरू हुआ वैक्सीन का ट्रायल
भारत बायोटेक ने 1 जुलाई को इंसानी ट्रायल के दोनों चरणों के लिए वैक्सीन को रजिस्टर किया था। कंपनी दोनों चरणों में 1,125 लोगों पर इसका ट्रायल करेगी।
पटना, रोहतक, कांचीपुरम, हैदराबाद और चेन्नई के बाद शुक्रवार को दिल्ली स्थित AIIMS में भी कोवैक्सिन का इंसानी ट्रायल शुरू हो गया था।
यहां एक 30 वर्षीय युवक को इसकी पहली खुराक दी गई। दो घंटे की निगरानी के बाद उसे घर भेज दिया गया। उसके कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ।
ट्रायल
क्या होता है इंसानी ट्रायल?
जैसा नाम से जाहिर है, इस ट्रायल के दौरान किसी नई दवा या वैक्सीन का इंसानों पर प्रयोग किया जाता है।
ट्रायल में भाग लेने वाले सभी लोगों का स्वस्थ होना जरूरी है।
इंसानी ट्रायल में दो बातों पर मुख्य तौर से ध्यान दिया जाता है। पहली बात यह कि कोई वैक्सीन इंसानों के प्रयोग के लिए कितनी सुरक्षित है और दूसरी कि वैक्सीन के बाद उनमें किसी बीमारी या वायरस के प्रति इम्युनिटी पैदा होती है या नहीं।
तरीका
कैसे काम करती है वैक्सीन?
वैक्सीन के जरिये हमारे इम्युन सिस्टम में कुछ मॉलिक्यूल्स, जिन्हें वायरस का एंटीजंस भी कहा जाता है, भेजे जाते हैं।
आमतौर पर ये एंटीजंस कमजोर या निष्क्रिय रूप में होते हैं ताकि हमें बीमार न कर सकें, लेकिन हमारा शरीर इन्हें गैरजरूरी समझकर एंटी-बॉडीज बनानी शुरू कर देता है ताकि उनसे हमारी रक्षा कर सके।
आगे चलकर अगर हम उस वायरस से संक्रमित होते हैं तो एंटी-बॉडीज वायरस को मार देती हैं और हम बीमार होने से बच जाते हैं।
कोरोना वायरस
देश में 14 लाख के करीब पहंची संक्रमितों की संख्या
वैक्सीन के लंबे होते इंतजार के बीच देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 14 लाख के करीब पहुंच गई है।
बीते दिन सामने आए 48,661 मामलों के साथ देश में कोरोना वायरस के कुल 13,85,522 मामले हो गए हैं। इनमें से 8,85,577 मरीज ठीक हुए हैं और 32,063 लोगों की मौत हो चुकी है।
देश में पिछले तीन दिन से रोजाना 700 से अधिक मरीज कोरोना वायरस की वजह से दम तोड़ रहे हैं।