
लद्दाख में आमने-सामने आए भारत और चीन के सैनिक, प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद गतिरोध खत्म
क्या है खबर?
लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक दिन चला गतिरोध खत्म हो गया है।
बुधवार को पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के किनारे गश्त दे रहे भारतीय सैनिकों को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने रोक लिया था, जिसके बाद दोनों देशों के सैनिकों में झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
खबरों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के बाद पूरे दिन चला ये गतिरोध खत्म हुआ।
विवाद
चीनी सैनिकों ने जताई भारतीय सैनिकों की मौजूदगी पर आपत्ति
तिब्बत से लद्दाख तक फैली 134 किलोमीटर लंबी पैंगोंग झील के एक तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है।
बुधवार सुबह जब भारतीय सैनिक अपने हिस्से वाले झील के उत्तरी इलाके में गश्त कर रहे थे, तब चीनी सैनिकों ने उन्हें रोक लिया और इलाके में उनकी मौजूदगी को लेकर विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों में धक्का-मुक्की हुई और दोनों पक्षों ने इलाके में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी। ये संघर्ष शाम तक जारी रहा।
बयान
सेना ने दी गतिरोध खत्म होने की जानकारी
गुरुवार को भारतीय सेना ने बयान जारी करते हुए गतिरोध के खत्म होने की जानकारी दी।
अपने बयान में सेना ने कहा, "पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव हुआ था। कल दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद ये टकराव खत्म हो गया।"
एक सैन्य अधिकारी ने TOI को बताया कि मैकमोहन लाइन (भारत-चीन सीमा) को लेकर दोनों देशों की भिन्नता के कारण इस तरीके के टकराव होते हैं।
अन्य घटना
पैंगोंग झील पर दो साल पहले भी भिड़ गए थे भारत और चीन के सैनिक
बता दें कि पैंगोंग झील के उत्तरी इलाके में हुई भारत और चीन के सैनिकों की ये पहली झड़प नहीं है।
इससे पहले 15 अगस्त 2017 को भी इलाके में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए थे।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था जिसमें दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे पर पत्थरों और लोहे की रोड्स का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता था।
दो घंटे बाद ये गतिरोध खत्म हो गया था।
डोकलाम विवाद
डोकलाम को लेकर हुआ था खूब विवाद
उसी साल डोकलाम को लेकर भारत और चीन में बड़ा विवाद हुआ था और दोनों देशों के सैनिक 73 दिन तक एक-दूसरे के आमने-सामने डटे रहे थे।
डोकलाम को लेकर भूटान और चीन के बीच विवाद है। जब चीन ने यहां सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया तो दोस्त होने के नाते भारत ने भूटान की मदद की और डोकलाम तक पहुंच गई।
ये निर्माण इलाके में भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ भी था।
टकराव का कारण
दोनों देशों के बीच सीमा की स्थिति नहीं है साफ
भारत और चीन के बीच मुख्य सीमा विवाद लद्दाख के अक्साई चिन और पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश को लेकर है।
ब्रिटिश राज के दौरान हुए समझौतों के आधार पर दोनों देशों के बीच सीमाओं का निर्धारण हुआ था।
चीन इनमें से कई समझौते को मानने से इनकार करते हुए भारत के कई इलाकों को अपना बताता है।
1960 के बाद से हुई 45 दौर की बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच सीमा की स्थिति साफ नहीं हुई है।
जानकारी
लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर चीन ने जताई थी आपत्ति
पिछले दिनों जब भारत ने जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला लिया था, तब चीन ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया था। कश्मीर मुद्दे पर भी वह पाकिस्तान के साथ खड़ा रहा है।