
#NewsBytesExplainer: बजट में रक्षा क्षेत्र को मिले 6.22 लाख करोड़ रुपये, चीन-पाकिस्तान कितना खर्च करते हैं?
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को बजट पेश किया था।
इसमें रक्षा बजट के लिए 6.22 लाख करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। ये कुल बजट का 12.9 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में नई खोज के लिए 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी दिया है।
चीन और पाकिस्तान से सीमा विवाद के चलते रक्षा बजट पर सभी की नजरें होती हैं।
आइए जानते हैं ये दोनों देश रक्षा पर कितना खर्च करते हैं।
रक्षा बजट
सबसे पहले भारत का रक्षा बजट जानिए
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत ने रक्षा बजट में 6.22 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। ये पिछले वर्ष के आवंटन से करीब 5 प्रतिशत ज्यादा है। पिछली बार रक्षा के लिए 5.94 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
इनमें से 1.72 लाख करोड़ रुपये हथियार खरीदने और सशस्त्र बलों की क्षमताओं को मजबूत करने, 1.05 लाख करोड़ रुपये घरेलू पूंजीगत खरीद के लिए और 1.41 लाख करोड़ रुपये पेंशन के लिए है।
खर्च
वेतन पर खर्च होगा 45 प्रतिशत बजट
रक्षा मंत्रालय को रेवेन्यू बजट के तौर पर 2.82 लाख करोड़ रूपये मिले हैं, जो कुल रक्षा बजट का 45 प्रतिशत है। इसका इस्तेमाल सेना के तीनों अंगों में वेतन, स्वास्थ्य सेवाएं और मेंटेनेंस जैसी चीजों पर खर्च होता है। इसमें अग्निवीरों का वेतन भी शामिल है।
इसके अलावा 25,563 करोड़ रुपये सिविल कामों के लिए मिले हैं। इनमें सड़क बनाना, कोस्ट गार्ड, सेना की कैंटीन और निर्माण कार्यों जैसे खर्च शामिल होते हैं।
चीन
चीन का रक्षा बजट कितना है?
2024 में चीन ने रक्षा बजट में पिछले साल के मुकाबले 7.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। मार्च में चीन ने 1.66554 लाख करोड़ युआन (करीब 19.61 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट को मंजूरी दी है।
अर्थव्यवस्था में मंदी के बावजूद चीन ने 2015 से लगातार 9 साल तक अपने रक्षा बजट को बढ़ाया है। चीन हर वित्त वर्ष में अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करता है।
चीन का खर्च
बजट से ज्यादा खर्च करता है चीन
जानकारों का मानना है कि चीन रक्षा पर असल खर्च ज्यादा करता है, लेकिन बजट में कम दिखाता है।
चीन ने 2022 में रक्षा पर लगभग 19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने यह राशि 24 लाख करोड़ रुपये आंकी है।
अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट (AEI) के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग वास्तव में हर साल रक्षा पर 59 लाख करोड़ रुपये तक खर्च करता है।
पाकिस्तान
रक्षा पर कितना खर्च करता है पाकिस्तान?
बजट 2024-25 में पाकिस्तान ने सशस्त्र बलों के लिए 2.12 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछले साल के बजट की तुलना में 17.6 प्रतिशत ज्यादा है।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा खर्च में यह वृद्धि 6 वर्षों में दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि है।
बजट में कर्मचारी संबंधी व्यय में 81,500 करोड़, ऑपरेशन खर्च में 51,30 करोड़, हथियार, गोला बारूद और उपकरणों की खरीद पर 54,800 करोड़ और सिविल कार्यों में 24,400 करार रुपये शामिल हैं।
शीर्ष देश
रक्षा पर कौन करता है सबसे ज्यादा खर्च?
रक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 2 देश चीन और अमेरिका हैं।
पिछले साल अमेरिका ने रक्षा पर 71 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे। विश्व में कुल वैश्विक खर्च का आधे से ज्यादा चीन और अमेरिका करते हैं।
भारत इस मामले में रूस के बाद चौथे स्थान पर है। वहीं, पाकिस्तान इस मामले में 30वें नंबर पर है। SIPRI के मुताबिक, 2022 की तुलना में 2023 में वैश्विक सैन्य खर्च में 6.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।