
अयोध्या: राम जन्मभूमि के परिसर में खंडित मूर्तियां, शिवलिंग और मंदिर के अवशेष मिलने का दावा
क्या है खबर?
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस दौरान राम जन्मभूमि परिसर के समतलीकरण का काम चल रहा है। इसमें कई चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं।
बुधवार को समतलीकरण कार्य के दौरान कई पुरातात्विक मूर्तियां, खंभे और शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है। इनमें मिलते ही काम करने वाले मजदूरों ने मंदिर ट्रस्ट को इसकी जानकारी दी।
उसके बाद ट्रस्ट अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों को सुरक्षित रखवा दिया।
बयान
समतलीकरण के कार्य के दौरान मिले मंदिर के अवशेष- राय
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने बताया कि समतीलकरण कार्य में अब तक देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, आमलक, दोरजांब, विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर, सात ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ, आठ रेड सैंड स्टोन के स्तंभ, पांच फीट आकार की नक्काशी युक्त शिवलिंग की आकृति आदि पुरातात्विक वस्तुएं प्राप्त हुईं हैं।
ट्रस्ट द्वारा इन सभी अवशेषों को संरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है।
ट्विटर पोस्ट
यहां सुने महामंत्री राय का बयान
Statement of Shri Champat Rai, Trust General Secretary about findings of excavation activity at Shri Ramjanmbhumi.
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) May 20, 2020
श्री रामजन्मभूमि परिसर में मिले पुरातत्विक महत्व के स्तम्भों और अन्य वस्तुओं के संदर्भ में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री श्री चम्पत राय जी का वक्तव्य pic.twitter.com/XczrY6wjgk
बयान
विश्व हिंदू परिषद ने दी प्रतिक्रिया
रामजन्मभूमि के समतलीकरण कार्य में मंदिर के अवशेष और शिवलिंग मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने हुए कहा कि अवशेष मिलना इस बात का प्रमाण है कि यहां पहले मस्जिद नहीं बल्कि राम मंदिर ही स्थित था।
शुरुआत
11 मई से शुरू हुआ था मंदिर का निर्माण कार्य
महामंत्री राय ने बताया कि परिसर में राममंदिर निर्माण के कार्यों को धीरे-धीरे गति देने का काम अब शुरू हो गया है।
हालांकि कोरोना संकट के कारण घोषित लॉकडाउन के चलते राममंदिर का निर्माण कार्य प्रभावित रहा।
इसके बाद 11 मई को फिर से कार्य शुरू करा दिया गया। अब कार्य धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है।
राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि के समतलीकरण एवं पुराने गैंग-वे को हटाने का काम जारी है। इसमें कई अवशेष मिले हैं।
नियम
निर्माण कार्य में किया जा रहा है कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों का पालन
महामंत्री राय ने बताया कि निर्माण कार्य में कोरोना महामारी के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करते हुए मशीनों का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क समेत अन्य सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा है।
इस कार्य में तीन जेसीबी, एक क्रेन, दो ट्रैक्टर व दस मजदूर लगे हैं। जेसीबी के जरिए गर्भगृह के चारों तरफ के मलबे को हटाया जा रहा है। इसी प्रकार गैंग-वे की बैरीकेडिंग को हटाने का भी काम जारी है।
जानकारी
देश के हालातों पर निर्भर करेगा भूमि पूजन का निर्णय
महासचिव राय ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक और मंदिर के भूमि पूजन का निर्णय देश के हालातों पर निर्भर करता है। फिलहाल पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ऐतिहासिक फैसला
अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर सालों से कोर्ट में मामला चल रहा था। 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन को राम जन्मभूमि मानते हुए मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को सौंपने और उसी के लिए एक ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था।
इसी तरह शीर्ष अदालत ने सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अन्य जगह पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिए था।