
महाराष्ट्र में बारिश से भारी तबाही, अलग-अलग हादसों में करीब 75 लोगों की मौत
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के कई जिलों में गुरुवार शाम से हो रही भारी बारिश के चलते अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन, मकान गिरने और दूसरे हादसों में करीब 75 लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सतारा, सांगली और कोल्हापुर से हजारों लोगों को बचाया जा चुका है।
अकेले रायगढ़ जिले में अलग-अलग हादसों में 45 लोगों की मौत हुई है और 13 घायल हुए हैं। 40 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
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मरने वालों में आठ कोरोना संक्रमित भी शामिल
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जान गंवाने वालों में आठ कोरोना संक्रमित मरीज भी शामिल हैं। रत्नागिरी के चिपलुन स्थित एक निजी अस्पताल में पानी घुसने से इन मरीजों की मौत हुई है।
जिलाधिकारी बीएन पाटिल ने बताया चार मरीज वेंटिलेटर पर भर्ती थे और बिजली चले जाने के कारण उनकी मौत हुई हो सकती है, जबकि चार ने शायद घबराकर दम तोड़ दिया।
इस अस्पताल में 22 मरीज भर्ती थे। बाकियों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।
बारिश से तबाही
रायगढ़ के एक ही गांव में 35 लोगों की मौत
सतारा और रत्नागिरी में अलग-अलग जगह भूस्खलन होने से कई लोग मलबे में दब गए।
दोनों जगहों से क्रमश: तीन और चार शव बरामद किए गए हैं। आशंका है कि करीब 40 लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
रायगढ़ के तालिये गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां पहाड़ का बड़ा टुकड़ा गिरने से 35 घर उसके नीचे दब गए, जिससे 32 लोगों की मौत हो गई। बचाव और राहत कार्य जारी है।
महाराष्ट्र में बारिश
24 घंटों में बरसा 594 मिमी पानी
महाराष्ट्र में बारिश का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां 24 घंटों में 594 मिमी बारिश हुई है। यह अहमदनगर, सोलापुर, धुले और सांगली जिले में सालभर में होने वाली बारिश के बराबर है। पिछले 24 घंटे में महाबलेश्वर में 1,078 मिमी बारिश हुई है।
वहीं कई जगहों पर रेल की पटरियां भी टूट गई हैं। कोंकण रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मारगांव स्टेशन पर दो ट्रेनें फंसी हुई हैं।
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सांगली और कोल्हापुर में अलर्ट जारी
सांगली और कोल्हापुर जिले में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। सांगली के जिलाधिकारी अभिजीत चौधरी ने कहा, "कोयना बांध से पहले 10,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 50,000 क्यूसेक किया जाएगा। इससे कृष्णा नदी का जलस्तर बढ़ेगा। हमने नदी किनारे बसे 104 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और वहां से लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है।"
इसी तरह कोल्हापुर के गांवों को भी खाली करवाया जा रहा है।
राहत और बचाव कार्य
राहत कार्यों में जुटी सेना समेत कई एजेंसियां
राज्य की एजेंसियों के साथ-साथ थलसेना, वायुसेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। कई जगहों पर हेलीकॉप्टर से लोगों को निकाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख और केंद्र ने दो लाख के मुआवजे का ऐलान किया है।