
सरकार ने कड़ा किया रूख, कहा- ट्विटर को देश के कानूनों का पालन करना होगा
क्या है खबर?
सरकार ने कथित तौर पर भड़काऊ और गलत जानकारी फैला रहे अकाउंट्स को ब्लॉक करने के आदेश पर ट्विटर की तरफ से मिली प्रतिक्रिया पर 'गहरी निराशा' व्यक्त की है।
ट्विटर अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सरकार की तरफ से कहा गया है कि भारत में कारोबार कर रही ट्विटर को देश के कानूनों का सम्मान और उनका पालन करना होगा, भले ही उसके नियम और नीतियां कुछ और हों।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
पृष्ठभूमि
क्या है मामला?
सरकार ने ट्विटर को #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग का प्रयोग करने के लिए किसान आंदोलन से संबंधित 257 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था।
पहले तो ट्विटर ने इन अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया, लेकिन फिर इन्हें बिना सरकार की मंजूरी के अनब्लॉक कर दिया गया।
इसे लेकर सकार ने ट्विटर को नोटिस जारी कर उसके आदेश का पालन करने को कहा था। ऐसा न करने पर सात साल जेल और जुर्माने की चेतावनी दी गई थी।
तकरार
हर कारोबार पर लागू होते हैं कानूनी आदेश- सरकार
बैठक में IT मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि कानूनी तौर पर दिए गए आदेश हर कारोबार पर लागू होते हैं और उनका तुरंत पालन होना चाहिए। अगर कई दिनों बाद उनका पालन किया जाता है तो उनका कोई मतलब नहीं रह जाता।
अमेरिकी संसद हमले के बाद की कार्रवाई का उदाहरण देते हुए सरकार ने ट्विटर को बताया कि कंपनी भारत और अमेरिका में अलग-अलग रवैया अपनाती है। सरकार ने इस पर भी निराशा व्यक्त की है।
तकरार
सरकार और ट्विटर के बीच जारी है तकरार
पिछले कुछ दिनों से सरकार और ट्विटर के बीच कुछ अकाउंट्स को ब्लॉक करने को लेकर तकरार चल रहा है।
सरकार ने ट्विटर को 1,100 से अधिक अकाउंट्स की सूची सौंपी थी। ये अकाउंट कथित तौर पर खालिस्तान और पाकिस्तान समर्थक बताए जा रहे हैं। इसके जवाब में ट्विटर ने कहा था कि उसने 500 से अधिक अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें से कुछ को ब्लॉक किया गया है तो कुछ की पहुंच सीमित की गई है।
समाधान की कोशिश
IT सचिव ने की थी ट्विटर अधिकारियों के साथ बैठक
इस तकरार को खत्म करने के लिए कंपनी ने IT मंत्री रविशंकर प्रसाद से मिलने का समय मांगा था।
हालांकि, IT सचिव अजय साहनी ने ट्विटर के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी उप प्रमुख मोनिक मेशे और कानूनी विभाग के उप प्रमुख जिम बेकर के साथ बैठक की।
ट्विटर ने कहा था कि सरकार का आदेश कानून के मुताबिक नहीं था। सूत्रों के मुताबिक, इस पर सरकार ने ट्विटर को कोर्ट जाने का विकल्प खुला होने की बात कही।
बयान
ट्विटर को काम की आजादी, लेकिन कानून मानने होंगे- सरकार
बैठक के बाद सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कारोबार के लिए ट्विटर का भारत में स्वागत है। एक कंपनी के तौर पर ट्विटर को भारतीय कानूनों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना होगा। ट्विटर को दूसरे कारोबारों की तरह अपने नियम और नीतियां बनाने की आजादी है, लेकिन उसे भारतीय कानूनों का भी पालन करना होगा।
सरकार ने अलग-अलग देशों में ट्विटर के अलग रवैयों पर भी गहरी चिंता जताई है।
चेतावनी
रविशंकर प्रसाद बोले- सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई
IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सम्मान करती है, लेकिन इनका गलत इस्तेमाल होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, "हम सोशल मीडिया का सम्मान करते हैं। इसने लोगों को सशक्त किया है। सोशल मीडिया की डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में बड़ी भूमिका है, लेकिन अगर सोशल मीडिया को झूठ फैलाने, हिंसा भड़काने के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।"