
किसानों के दिल्ली कूच के दौरान फिर चले आंसू गैस के गोले, कई किसान घायल
क्या है खबर?
पंजाब-हरियाणा सीमा पर पिछले 9 महीने से बैठे किसान आज तीसरी बार फिर दिल्ली कूच करने जा रहे हैं।
इस दौरान हरियाणा के अंबाला में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगाई गई है। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे हैं। अब तक 8 किसानों के घायल होने की खबर है।
बता दें इससे पहले किसान 2 बार दिल्ली कूच का प्रयास कर चुके हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वाटर कैनन चलाने का वीडियो
#WATCH | Drone visuals from the Haryana-Punjab Shambhu Border where the farmers protesting over various demands have been stopped from heading towards Delhi
— ANI (@ANI) December 14, 2024
Police used water cannon, tear gas to disperse the farmers. pic.twitter.com/W54KhOMqZa
मांगें
क्या हैं किसानों की मांगें?
किसान सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से फसलों की कीमत तय हो।
कर्ज माफी हो, किसानों को पेंशन मिले और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
लखीमपुर खीरी मामले के दोषियों को सजा मिले।
पिछले किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और सराकरी नौकरी मिले और किसानों के खिलाफ मुकदमे वापस हों।
बयान
पंधेर बोले- संसद में किसानों की बात नहीं हो रही
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा, "संसद में संविधान, अडाणी, बेरोजगारी हर मुद्दे पर बात हो रही हैं, लेकिन किसानों पर बात नहीं हो रही।"
हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और कुछ समय मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि किसानों को अपना विरोध प्रदर्शन कुछ समय के लिए टाल देना चाहिए। मेरी राय है कि किसानों को कोर्ट की बात सुननी चाहिए।"
डल्लेवाल की हालत
डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ रही
खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत नाजुक है।
डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें कभी भी दिल का दौरा पड़ सकता है या किडनी फेल हो सकती है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना बहुत जरूरी है।
डॉक्टरों ने बताया कि डल्लेवाल के शरीर में मैगनिशियम, पोटाशियम और कैल्शियम की कमी हो गई है। डल्लेवाल को संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ गया है। डाॅक्टरों ने कहा कि डल्लेवाल को जल्द इलाज की जरूरत है।
कूच
2 बार किसानों को रोक चुकी है हरियाणा पुलिस
6 दिसंबर को भी शंभू बॉर्डर से किसानों ने दिल्ली कूच शुरू किया था। किसानों ने बैरिकेडिंग और नुकीले तार उखाड़ दिए थे। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे, जिनमें 7 किसान घायल हो गए थे।
8 दिसंबर को फिर किसान दिल्ली की ओर बढ़े। तब भी हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर किसानों को खदेड़ दिया था। हंगामा बढ़ने पर किसानों ने मार्च स्थगित कर दिया था।