
ई-पासपोर्ट सेवा का दूसरा चरण जल्द होगा शुरू, AI का होगा इस्तेमाल- जयशंकर
क्या है खबर?
पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ई-पासपोर्ट सेवा का दूसरा चरण यानी 2.0 शुरू करने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि इसे जल्द ही ये शुरू किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल होगा।
जयशंकर ने पासपोर्ट सेवा केंद्र पर अपने संदेश में कहा, "हम जल्द ही नए और उन्नत ई-पासपोर्ट सहित पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) का संस्करण 2.0 शुरू करेंगे।"
खासियत
क्या होगी ई-पासपोर्ट सेवा 2.0 की खासियत?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आरिंदम बागची ने जानकारी देते हुए बताया कि नए चरण में उन्नत ई-पासपोर्ट को शामिल किया जाएगा, जिसमें डाटा की सुरक्षा ज्यादा होगी। विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए पासपोर्ट में चिप सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
पासपोर्ट सेवाओं के लिए आधुनिक और डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें AI का इस्तेमाल भी होगा। इससे पासपोर्ट बनाने की मौजूदा प्रक्रिया और भी ज्यादा आसान और सुगम हो जाएगी।
बयान
विदेश मंत्रालय ने और क्या कहा है?
जयशंकर ने पासपोर्ट दिवस के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री के 'ईज ऑफ लिविंग' को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल इको सिस्टम को और बेहतर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "पासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप, पासपोर्ट पुलिस ऐप, डिजिलॉकर के साथ पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) का एकीकरण और 'कहीं से भी आवेदन करें' योजना जैसे मील के पत्थर के साथ सरकार के डिजिटल इंडिया लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।"
पासपोर्ट
देश में 7 गुना बढ़े पासपोर्ट केंद्र
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 2014 में देश में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) थे और अब इनकी संख्या 7 गुना बढी है। अब देश में 523 PSK हैं।
जयशंकर ने कहा, "विदेश मंत्रालय ने कोरोना महामारी के बाद रोजाना के अपॉइंटमेंट की संख्या में वृद्धि करके और सप्ताहांत में विशेष अभियान आयोजित करके पासपोर्ट से संबंधित सेवाओं की मांग में वृद्धि की चुनौती को पूरा किया। मंत्रालय ने 2022 में रिकॉर्ड 1.33 करोड़ पासपोर्ट और विविध सेवाएं प्रदान की।"
ई पासपोर्ट
जल्द ही जारी होंगे ई-पासपोर्ट
सरकार जल्द ही ई-पासपोर्ट जारी करने का काम शुरू करने वाली है। इस पासपोर्ट में एक चिप लगी होगी, जिसमें उपोगकर्ता की सभी जानकारी डिजिटल रूप में रिकॉर्ड होगी। इससे नकली पासपोर्ट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
यह वर्तमान में जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की तरह ही दिखेंगे, लेकिन बड़ा फर्क बस ये होगा कि इनकी बुकलेट के भीतर एक चिप होगी। शुरुआत में करीब 10 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए जाएंगे।