
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में रिकॉर्ड वृद्धि
क्या है खबर?
दिल्ली में हवा दिन-प्रतिदिन जहरीली होती जा रही है। इसका कारण है कि अक्टूबर की शुरुआत में प्रतिदिन दिल्ली से सटे राज्यों में पराली जलाने की 160 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद कई राज्यों में धान की कटाई के बाद खेतों में पराली जलाना जारी है, जिसके कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होने की आशंका है।
इजाफा
पिछले साल से पराली जलाने की घटनाओं में 82 प्रतिशत वृद्धि
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, रिमोट सेंसिंग उपग्रहों ने 15 सितंबर को धान की कटाई शुरू होने के बाद से 6 कृषि राज्यों में 2,791 पराली जलाने की घटनाओं का पता लगाया है।
ये आंकड़ा पिछले साल 15 सितंबर से 15 अक्टूबर की इसी अवधि की तुलना में कम से कम 82 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल केवल 1,528 घटनाओं का पता चला था।
इस साल पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है।
जिम्मेदार राज्य
पराली जलाने की 70 प्रतिशत घटनाएं पंजाब और हरियाणा में
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद पराली जलाने के 70 प्रतिशत से अधिक मामले पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में सामने आ रहे हैं।
14 अक्टूबर को दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 257 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में है और ये उच्च प्रदूषण स्तर की लंबी अवधि की शुरुआत का प्रतीक है।
मंगलवार तक यहां AQI मध्यम और फिर आने वाले दिनों में खराब रहने की संभावना है।
कृषि
किस राज्य में कितनी घटनाएं?
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) के अनुसार, पंजाब में इस सीजन में अब तक पराली जलाने की 1,388 दर्ज की गई हैं।
इसके बाद हरियाणा में 542, मध्य प्रदेश में 324, उत्तर प्रदेश में 312, राजस्थान में 223 और दिल्ली में 2 घटनाएं दर्ज हुई हैं।
इस साल मानसून के जाते ही 1 अक्टूबर से सभी राज्यों में धान कटाई जोरों पर है, जबकि पिछले साल कई राज्यों में भारी बारिश के कारण कटाई देर से शुरू हुई थी।
पंजाब
पंजाब के अमृतसर में सबसे ज्यादा घटनाएं
दिल्ली की हवा जहरीली बनाने में पंजाब का बड़ा हाथ है। इस साल पराली जलाने के कुल मामलों में से 50 प्रतिशत मामले सीमावर्ती जिले अमृतसर में दर्ज किए गए हैं, जबकि तरनतारन और पटियाला में भी खेतों में आग लगाने की घटनाएं सामने आई है।
राज्य में पिछले साल की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं को लगभग 50 प्रतिशत कम करने के पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के वादे का कोई खास असर नहीं हुआ है।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
दिल्ली-NCR में पराली जलाने के कारण हर साल सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है, लेकिन दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या मुख्य रूप से परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र से कॉर्बन उत्सर्जन के कारण होती है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) पुणे के सर्वे के अनुसार, दिल्ली में 40 प्रतिशत प्रदूषण अकेले परिवहन क्षेत्र के कारण होता है, जबकि थर्मल पावर स्टेशन भी यहां प्रदूषण की समस्या के मुख्य कारक हैं।