
JEE, NEET के मुद्दे पर राजनीति तेज, देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी के बावजूद जॉइंट एंट्रेस एग्जाम (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (NEET) कराने के केंद्र सरकार के फैसले पर राजनीति तेज हो गई है। जहां सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर सख्त आपत्ति दर्ज कराई है, वहीं कांग्रेस ने देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
दूसरी तरफ 150 शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख JEE और NEET कराने का समर्थन किया है।
पृष्ठभूमि
महामारी के कारण दो बार टाले जा चुके हैं JEE और NEET
बता दें कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिले के लिए JEE और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET कराया जाता है। ये परीक्षाएं आमतौर पर अप्रैल-मई महीने में होती हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण दो बार टाला जा चुका है।
पहले इन्हें मई से हटाकर जुलाई और फिर जुलाई से हटाकर सितंबर में कर दिया गया। अब JEE की परीक्षा 1 से 6 सितंबर और NEET की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है।
मांग
फिर से हो रही परीक्षाएं टालने की मांग
हालांकि देश में कोरोना वायरस के मामले अभी भी कम नहीं हुए हैं और इस कारण छात्रों से लेकर विपक्षी नेताओं तक, सभी JEE और NEET को फिर से टालने की मांग कर रहे हैं।
कल इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों की बैठक भी हुई और इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
प्रदर्शन
कांग्रेस करेगी देशभर में प्रदर्शन
अब कांग्रेस ने मुद्दे पर पूरे देश में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए कहा, "JEE-NEET परीक्षाएं कराकर केंद्र सरकार 25 लाख छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। अड़ियल मोदी सरकार उनकी समस्याएं सुनने, उन पर विचार करने और उनका समाधान करने से भी इनकार क्यों कर रही है?"
बयान
"क्या छात्रों की सुरक्षा की गारंटी लेगी मोदी सरकार?"
छात्रों की सुरक्षा पर सरकार से सवाल करते हुए सुरजेवाला ने पूछा, "क्या मोदी सरकार इस बात की गारंटी लेगी कि परीक्षा के दौरान JEE-NEET का कई भी छात्र या फैकल्टी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होगा।"
समर्थन
मोदी सरकार के समर्थन में उतरे 150 शिक्षाविद
इस बीच देश-विदेश की विभिन्न यूनिवर्सिटीज के 150 से अधिक शिक्षाविद परीक्षाएं कराने के केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में उतरे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा है कि कुछ लोग अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
शिक्षाविदों के अनुसार, परीक्षाओं को और टालने से छात्रों का एक बहुमूल्य साल बर्बाद होगा और छात्रों के सपनों के साथ किसी शर्त पर समझौता नहीं किया जा सकता।
पत्र
छात्र और युवा देश का भविष्य- शिक्षाविद
पत्र में शिक्षाविदों ने लिखा है, "युवा और छात्र इस देश के भविष्य हैं, लेकिन कोविड-19 के कारण उनके करियर के ऊपर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। दाखिले और कक्षाओं को लेकर बहुत आशंकाएं हैं जिन्हें जल्द से जल्द दूर करने की जरूत है।"
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में दिल्ली यूनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी और IIT दिल्ली आदि के शिक्षाविद शामिल हैं और उन्होंने भरोसा जताया है कि केंद्र सरकार सफलतापूर्वक JEE और NEET कराएगी।
सुरक्षा
छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उठाए ये कदम
बता दें कि परीक्षाओं के दौरान छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए गए हैं। इनके तहत JEE-मेन्स के परीक्षा केंद्रों की संख्या 570 से बढ़ाकर 660 और NEET के परीक्षा केंद्रों की संख्या 2,546 से बढ़ाकर 3,843 कर दी गई है।
शिफ्टों की संख्या भी आठ से 12 कर दी गई है, वहीं हर शिफ्ट में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या 1.32 लाख से घटाकर 85,000 कर दी गई है।
सोशल डिस्टेंसिंग
एक सीट छोड़कर बैठाए जाएंगे छात्र
इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए JEE-मेन्स में छात्रों को एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा, वहीं NEET में हर कमरे में 24 की जगह 12 छात्र बैठाए जाएंगे।
छात्रों को अलग-अलग समय पर प्रवेश दिया जाएगा और उनके लिए मास्क और दस्ताने पहनना और अपनी पानी की बोतल और हैंड सैनिटाइजर लाना अनिवार्य होगा।
परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले उनका तापमान मापा जाएगा और उच्च तापमान वालों के लिए हर केंद्र पर एक आइसोलेशन वार्ड होगा।
डाटा
दोनों परीक्षाओं में 24.50 लाख से अधिक छात्र होंगे सम्मिलित
बता दें कि JEE-मेन्स के लिए 8.58 लाख और NEET के लिए 15.97 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। NTA के अनुसार, ये सुनिश्चित किया गया है कि 99 प्रतिशत से अधिक छात्रों को पहली पसंद के शहर में परीक्षा केंद्र मिले।