
राजस्थान: मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कहा- सरकार गिराने के किए जा रहे प्रयास
क्या है खबर?
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। हाईकोर्ट ने सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों की सदस्यता के मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए विधानसभा स्पीकर को 24 जुलाई तक कोई फैसला नहीं लेने का आदेश दिया है।
ऐसे में राजनीति में चल रही असमंजस की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है।
आरोप
मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्र में यह लगाए आरोप
NDTV के अनुसार मुख्यमंत्री गहलोत ने 19 जुलाई को लिखे पत्र में कहा कि राजस्थान में भाजपा की ओर से होर्स ट्रेंडिंग के जरिए चुनी गई सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है। इस साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का हाथ है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि उनकी पार्टी के अति महत्वकांक्षी नेता भी इस साजिश में शामिल हैं। बहुमत में आई सरकार गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
मजबूरी
मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्र में दिखाई मजबूरी
मुख्यमंत्री गहलोत में पत्र में आगे लिखा, 'मुझे नहीं पता कि आप इन मुद्दों से किस हद तक वाकिफ हैं या आपको गुमराह किया जा रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में आखिरकार सत्य, लोकतांत्रिक परंपराएं और संवैधानिक मूल्यों की ही जीत होगी।'
उन्होंने पत्र में मध्य प्रदेश सरकार गिराने का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि कोरोना महामारी के दौर में कमलनाथ सरकार भी भाजपा की साजिश की वजह से गिरी थी।
जानकारी
जनता की मदद करना है सरकार की प्राथमिकता- गहलोत
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच उनकी सरकार की प्राथमिकता जनता की मदद करना हैं, लेकिन राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सुशासन देते हुए अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
उदाहरण
गहलोत ने दिया संविधान की बहुदलीय व्यवस्था का उदाहरण
मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्र में लिखा, 'हमारे संविधान में बहुदलीय व्यवस्था के कारण राज्यों एवं केंद्र में अलग-अलग दलों की सरकारे चुनीं जाती रही है। हालांकि, अब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार द्वारा बनाए गए दलबदल निरोधक कानून और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किए गए संशोधन की भावनाओं को दरकिनार करके पिछले कुछ समय से लोकतांत्रित तरीके से चुनी गई राज्य सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।'
राहत
हाईकोर्ट ने पायलट खेमे को दी बड़ी राहत
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के मामले में बड़ी राहत दी है। होईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए 24 जुलाई को फैसला सुनाने तथा विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को तब तक कोई फैसला नहीं लेने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस की शिकायत पर विधानसभा स्पीकर ने बागियों को नोटिस जारी करते हुए जबाव मांगा था। इस पर पायलट खेमा हाई कोर्ट पहुंच गया था।
ऑडियो टेप
कांग्रेस ने ऑडियो टेप जारी कर लगाया था साजिश का आरोप
गौरतलब है कि सियासी घमासान के बीच गत 17 जुलाई को सरकार गिराने से जुड़ा कथित ऑडियो टेप सामने आया था।
उसमें कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज है, जो कि भंवरलाल शर्मा और भाजपा नेता संजय जैन के साथ मिलकर पैसों के लेनदेन की बात कर रहे हैं।
इसी को लेकर राजस्थान की SOG टीम गजेंद्र सिंह का वॉयस सैंपल लेने पहुंची थी। मामले में SOG ने संजय जैन को गिरफ्तार किया था।
पृष्ठभूमि
सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री पद से हटाया
बता दें कि मुख्यमंत्री गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद के बीच गत 14 जुलाई को कांग्रेस पार्टी ने सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया था।पार्टी ने उनकी जगह गोविंद सिंह डोटासरा अध्यक्ष बनाया था।
इसके अलावा पार्टी ने पायलट का साथ देने वाले विशवेंद्र सिंह और रमेश मीणा को भी मंत्री पद से हटा दिया गया है। जिसके बाद भी सियासी घमासान मचा हुआ है।