
अब तक 12,000 से भी ज्यादा प्रवासियों को घर पहुंचा चुके हैं सोनू सूद, बने मसीहा
क्या है खबर?
फिल्मों में अक्सर विलेन का किरदार निभाने वाले अभिनेता सोनू सूद ने पिछले कुछ दिनों में खुद को कई लोगों के लिए एक मसीहा साबित कर दिया है।
दरअसल, जिस काम के लिए कई राज्यों की सरकारों को विचार-विमर्श करने पड़ रहे हैं। वही काम सोनू सूद ने अकेले खड़े रहकर कर दिखाए है।
उन्होंने इस लॉकडाउन में सैकड़ों को प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के बसों की व्यवस्था करवाई है।
बेचैनी
मजदूरों को देखकर सो नहीं पाते थे सोनू
सोनू ने प्रवासियों को घर पहुंचाने के अपने नेक काम को लेकर हाल ही में बात भी की है।
उन्होंने कहा, "मैंने जब सैकड़ों श्रमिकों को सैकड़ों मीलों की दूरी तय करते हुए देखा तो, मुझसे यह देखा नहीं गया। मुझे उनके लिए कुछ करना था। इसी विचार के साथ मैं हम में से कई लोगों की तरह सो नहीं पाया।"
उन्होंने कहा, "मैं जब अपने फूड ड्राइव पर था तब मैंने सड़कों पर कई प्रवासियों को चलते देखा।"
प्रवासी
जब पैदल महाराष्ट्र से कर्नाटक जा रहे थे प्रवासी
सोनू ने आगे बताया, "मैंने उन प्रवासियों को रोक कर पूछा कि वह सब कहां जा रहे हैं। तो उन्होंने बताया कि वह अपने घर कर्नाटक जा रहे हैं।"
सोनू ने कहा, "मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि वह पैदल चलकर सैकड़ों मील की दूरी तय करने वाले हैं।"
उन्होंने कहा, "इसके बाद मैंने उनसे कहा कि मुझे सिर्फ दो दिन का वक्त दें मैं उनके लिए बसों की व्यवस्था करवाऊंगा।"
शुरुआत
सिर्फ 350 प्रवासियों तक ही नहीं था सोनू का काम
इसके बाद सोनू ने पहले कर्नाटक और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से बातचीत शुरु की।
उन्होंने सबसे पहले महाराष्ट्र से कर्नाटक तक के लिए बसें चलवाई। जिसमें सबसे पहले 350 प्रवासियों को उनके घर भेजा गया।
सोनू ने कहा, "उनकी आंखों में खुशी के आंसू देखने के बाद मुझे यकीन हो गया था कि सिर्फ 350 प्रवासियों तक ही यह सीमित नहीं है। मुझे कई हजारों प्रवासियों को उनके घर पहुंचाना है।"
सुविधा
1200 से ज्यादा प्रवासियों को पहुंचा चुके हैं घर
गौरतलब है कि सोनू अब तक 12,000 से भी ज्यादा प्रवासियों को उनके घर पहुंचा चुके हैं।
उन्होंने राजस्थान, कर्नाटक, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अपने घर पहुंचने के इच्छुक कई लोगों के लिए बसों की व्यवस्था की है।
इसके लिए उन्होंने एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001213711 भी लॉन्च किया है।
इसका इस्तेमाल कर कई देश में कहीं भी फंसे प्रवासी मजदूर उनकी टीम को अपनी मदद के लिए बुला सकते हैं।
मदद
इस तरह भी मदद कर रहे हैं सोनू सूद
सोनू ने हाल ही में केरल में फंसी करीब 150 महिलाओं को एयरलिफ्ट के जरिए उनके ओडिशा उनके घर पहुंचाया है।
इसके अलावा वह जुहू में स्थित अपने छह मंजिला शानदार होटल में डॉक्टर्स, नर्सेज और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के रुकने की खास व्यवस्था भी करा चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने पंजाब के डॉक्टर्स को 1,500 PPE किट दान की थीं।
वह रमजान के मौके पर भिवंडी इलाके में हजारों मजदूरों के लिए खाने का इंतजाम भी कर चुके हैं।