
देश भर में 5 यूनिवर्सिटी खोलेगा RSS, जाानिये क्या है मकसद
क्या है खबर?
भारत के राष्ट्रवादी हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब देश के विभिन्न हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी खोलने की योजना बना रहा है।
RSS अपने शैक्षिक शाखा विद्या भारती के जरिए इसके संचालन की तैयारी कर रहा है। बता दें कि संघ पहले ही कई शैक्षणिक संस्थानों को पूरे देश में चला रहा है।
इस बात की पुष्टि विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सचिव यतींद्र शर्मा ने की है।
उद्देश्य
नई यूनिवर्सिटी खोलकर शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश
बता दें कि RSS पहले से ही प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। अब यह संगठन उच्च शिक्षा संस्थानों पर अपना ध्यान केंद्रित करने की तैयारी कर रहा है।
उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित एक समारोह के दौरान शर्मा ने कहा कि देश में इन नई यूनिवर्सिटी को खोलने का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है।
चाणक्य विश्वविद्यालय
RSS बेंगलुरु में शुरू कर चुका है चाणक्य यूनिवर्सिटी
शर्मा ने आगे कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान ने पिछले साल 125 एकड़ के विशाल परिसर में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में चाणक्य यूनिवर्सिटी खोली है, जबकि दूसरी असम के गुवाहाटी में जल्द ही खुलने वाली है।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के पहले बैच में कुल 200 छात्रों ने एडमिशन लिया है। इस यूनिवर्सिटी में विद्या भारती स्कूलों के लगभग 50 छात्रों को मुफ्त में शिक्षा मुहैया कराई जाती है।
स्कूल
RSS द्वारा देश में संचालित किए जा रहे 29,000 स्कूल
हरिद्वार में आयोजित समारोह में शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि RSS द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान सभी छात्रों के लिए खुले हैं, चाहे उनकी जाति, वर्ग या पंथ कुछ भी हो।
उन्होंने कहा कि RSS द्वारा संचालित 29,000 स्कूलों में 31 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें अच्छी संख्या में मुस्लिम और ईसाई समुदायों के छात्र भी शामिल हैं। बता दें कि इन स्कूलों में लगभग 1,50,000 शिक्षक कार्यरत हैं।
अभियान
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए RSS ने शुरू किया अभियान
RSS से जुड़े विद्या भारती ने केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 11 सितंबर को एक अभियान का ऐलान किया था।
इस अभियान का मकसद 'भारत केंद्रित शिक्षा' के पहलुओं को उजागर करना है।
इसमें कक्षा छह से प्रस्तावित कौशल शिक्षा के साथ 'श्रम की गरिमा' को प्रेरित करते हुए और NEP पर आधारित प्रतियोगिताओं में 'मातृभाषा' को प्रोत्साहित करना भी इसका काम है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति
न्यूजबाइट्स प्लस
केंद्र सरकार ने 2020 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी।
इस दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया था।
इस नीति में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक रखने और MPhil को खत्म करने का फैसला लिया गया था। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनाई गई थी।
बता दें कि पुरानी शिक्षा नीति 1986 में ड्राफ्ट हुई थी और 1992 में इसमें संशोधन किया गया था।