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वेडिंग इंश्योरेंस का उठाएं फायदा, अगर शादी हुई कैंसल तो पूरा पैसा होगा वापस
वेडिंग इंश्योरेंस का उठाएं फायदा

वेडिंग इंश्योरेंस का उठाएं फायदा, अगर शादी हुई कैंसल तो पूरा पैसा होगा वापस

Dec 30, 2021
08:30 pm

क्या है खबर?

पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान शादियों के कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे। जिसकी वजह से लोगों को नुकसान का सामना करना पड़ा था। वहीं इस बार भी कुछ ऐसा हो सकता है क्योंकि फिर से कोरोना और ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। ऐसे में होने वाले नुकसान से बचने के लिए बाजार में कई कंपनी वेडिंग इंश्योरेंस भी उपलब्ध करा रही हैं। अगर किसी भी वजह से शादी कैंसिल हो गई तो पूरा पैसा वापस मिल सकता है।

प्रीमियम

इंश्योरेंस पर कितना देना होता है प्रीमियम?

वेडिंग इंश्योरेंस का सम एश्योर्ड इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने का बीमा कराया है।

प्रीमियम का भुगतान आपकी इंश्योर्ड राशि से 0.7 फीसदी से लेकर 2 फीसदी तक ही लगता है।

मान लीजिए आपने 10 लाख रुपये पर बीमा कराया है तो आपको 7,500 से लेकर 15,000 रुपये तक का प्रीमियम देना होगा।

शादी कार्यक्रम के रद्द या स्थगित होने पर इस बीमा का दावा किया जा सकता है।

कवर

वेडिंग इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर?

शादी अगर किसी वजह से कैंसिल हो जाती है तो इस पर बीमा मिलता है-

केटरर को दिया गया एडवांस।

ट्रैवल एजेंसी को दिया गया एडवांस।

होटल बुकिंग या रिसॉर्ट बुकिंग में दिया गया एडवांस।

सजावट और म्यूजिक के लिए दिए गए एडवांस पर भी बीमा कंपनी की तरफ से कवर मिलता है।

दुर्घटना में घायल दूल्हा-दुल्हन के इलाज पर जो भी खर्च आएगा वो बीमा कंपनी द्वारा वापस किया जाता है।

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जानकारी

इन पर नहीं मिलता क्लेम

शादी समारोह के दौरान आतंकवादी हमला।

अगर हड़ताल की वजह से शादी नहीं हुई।

दूल्हा या दुल्हन का किडनैप हो जाना

आत्महत्या या भाग जाने पर।

पर्सनल चीजों का नुकसान।

खुद शादी को कैंसल करना।

ऐन मौके पर शादी के वेन्यू को बदल देना या कैंसिल कर देना।

इलेक्ट्रिक कर्मचारी संबंधी पर।

किसी भी तरह से इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल खराबी की वजह से।

शादी में आए मेहमानों का निजी नुकसान।

समय के साथ हुई टूट-फूट और खराबी।

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प्रक्रिया

क्लेम करने की प्रक्रिया

क्लेम लेने से पहले शादी के खर्च के बारे में पूरी जानकारी बीमा कंपनी को देनी पड़ती है। क्लेम करने के लिए आपको एक फार्म भरकर नुकसान संबंधित दस्तावेज लगाने होने होते हैं।

इसके बाद बीमा कंपनी जांच के लिए अपने प्रतिनिधि को भेजती है। अगर आपके द्वारा दी गई नुकसान की जानकारी सही साबित होती है तो आप बीमा कंपनी क्लेम देने के लिए बाध्य होती है।

इंश्योरेंस का पैसा मिलने में 30 दिनों का समय लग सकता है।

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