
दिसंबर में रिकॉर्ड 1.15 लाख करोड़ रुपये हुआ GST कलेक्शन
क्या है खबर?
कोरोना महामारी के दौरान धराशाही हुई अर्थव्यवस्था फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है। यही कारण है कि दिसंबर में देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन अब तक के सर्वोच्च स्तर 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने नए साल के पहले दिन देश को यह खुशखबरी दी है।
इससे पहले अप्रैल 2019 में सबसे ज्यादा 1,13,866 करोड़ रुपये का GST कलेक्शन रहा था। ऐसे में यह यह अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने का संकेत है।
बयान
GST चोर और फर्जी बिलों के खिलाफ अभियान से हुआ फायदा- मंत्रालय
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "दिसंबर 2020 में सकल GST राजस्व 1,15,174 करोड़ रुपये है और यह GST लागू होने के बाद से सबसे अधिक है। यह पिछले 21 महीनों के लिए मासिक राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि है।"
मंत्रालय ने आगे कहा, "कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार के लिए GST चोरों और फर्जी बिलों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने और कई व्यवस्थागत बदलावों के कारण ही यह संभव हो सकता है।"
विभाजन
इस तरह से हुआ GST का कलेक्शन
वित्त मंत्रालय के अनुसार 1,15,174 करोड़ रुपये के GST कलेक्शन में केद्र सरकार का GST यानी CGST कलेक्शन 21,365 करोड़ रुपये रहा और राज्यों का GST यानी SGST 27,804 करोड़ रुपये रहा है।
इसी तरह कुल इंटीग्रेटेड GST (IGST) 57,426 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें से 8,579 करोड़ रुपये सेस का है। मंत्रालय ने बताया कि नवंबर महीने के लिए कुल 87 लाख GSTR-3B रिटर्न दाखिल हुआ है।
भुगतान
IGST से किया 49,957 करोड़ का भुगतान
वित्त मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने रेगुलर सेटलमेंट के तहत IGST से CGST को 23,276 करोड़ रुपये और SGST को 17,681 रुपये चुका दिये हैं।
इस तरह दिसंबर में केंद्र और राज्यों का कुल GST रेवेन्यू क्रमश: 44,641 करोड़ रुपये और 45,485 करोड़ रुपये रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर 2019 की तुलना में इस साल दिसंबर में माल के आयात से राजस्व 27 प्रतिशत और घरेलू लेनदेन से आठ प्रतिशत अधिक रहा है।
बढ़ोतरी
सितंबर से हुई थी GST में बढ़ोतरी की शुरुआत
बता दें कि कोरोना महामारी के बाद सितंबर से GST कलेक्शन में बढ़ोतरी होना शुरू हो गया था। सितंबर में देश में कुल 95,480 करोड़ का कलेक्शन हुआ था।
इसके बाद त्योहारी सीजन के आने से अक्टूबर में GST कलेक्शन बढ़कर 1,05,155 करोड़ पर पहुंच गया था।
इसके बाद नवंबर में यह कलेक्शन थोड़ा गिरकर 1,04,963 करोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन दिसंबर में इसने लंबी छलांग लगाते हुए अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।