
चार्जिंग की चिंता होगी दूर, बैटरी शेयरिंग सर्विस के लिए होंडा ने भारत में खोली कंपनी
क्या है खबर?
जापानी ऑटोमेकर होंडा मोटर कंपनी ने भारत में बैटरी शेयरिंग सर्विस के लिए एक सहायक कंपनी की स्थापना की है।
इसे होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम दिया गया है और इसके लिए होंडा ने 135 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश की है।
कंपनी का मानना है कि इस कदम से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। साथ ही इससे चालक को बैटरी खत्म होने पर चार्जिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जानकारी
क्या है बैटरी शेयरिंग सर्विस?
बैटरी शेयरिंग सर्विस इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी की एक चार्जिंग विधि है, जिसमें स्वैपिंग स्टेशनों पर एक खराब बैटरी या डिस्चार्ज हो चुकी बैटरी को पूरी तरह से चार्ज की गई बैटरी से बदल दिया जाता है।
साथ ही डिस्चार्ज हुई बैटरी को इन स्टेशनों पर फिर से चार्ज में लगा दिया जाता है ताकि पूरी तरह चार्ज होने पर इन बैटरियों को फिर से इसका इस्तेमाल किया जा सके।
बयान
कंपनी ने कही यह बात
कंपनी ने अपने बयान में कहा, "2022 की पहली छमाही से कर्नाटक के बेंगलुरू में इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (ई-ऑटो) के लिए बैटरी शेयरिंग सर्विस शुरू करने की योजना है और इसके बाद अन्य भारतीय शहरों में चरणबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया जाएगा।"
कंपनी ने आगे कहा कि इस सुविधाजनक सर्विस से ड्राइवरों को चार्जिंग के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी और आप कम समय में वापस ड्राइव कर सकते हैं।
सर्विस
किस तरह की सर्विस देगी कंपनी?
होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया छोटी मोबिलिटी के लिए बैटरी शेयरिंग सेवा की पेशकश करेगी, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के तीन मुद्दों- सीमित रेंज, चार्जिंग में लगने वाला लंबा समय और बैटरी की उच्च लागत को हल करके इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रवेश में तेजी लाएगी।
होंडा के बैटरी शेयरिंग सर्विस सब्सक्राइबर शहर में स्थित नजदीकी बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन से पूरी तरह चार्ज की गई बैटरी को एक्सचेंज करने के लिए सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
जानकारी
स्वैपिंग के लिए होंडा करेगी कई कंपनियों से टाई-अप
बैटरी शेयरिंग सेवा के अलावा नई सहायक कंपनी कई ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) से भी बात कर रही है, जो बैटरी शेयरिंग के तहत होंडा की बैटरी को अपने वाहनों में लगाने की अनुमति देना चाहते हैं।
हालांकि, ये टाई-अप केवल उपयोगकर्ता को अपने वाहन के लिए बैटरी स्वैपिंग करने की अनुमति देगा।
इसके अलावा जापानी ब्रांड होंडा भारत में मोबाइल पावर पैक के लिए इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्माण भी करेगी।
न्यूजबाइट्स प्लस (बोनस इंफो)
गुलजार है बैटरी स्वैपिंग का बाजार
एलाइड मार्केट रिसर्च द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी स्वैपिंग बाजार 2020 में 100.08 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 750 करोड़ रुपये का था।
2030 तक यह आंकड़ा 852.59 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 64 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
इस तरह बैटरी स्वैपिंग बाजार 2021 से 2030 तक 24.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है।