
बाउंस ने पार्क+ के साथ मिलाया हाथ, देशभर में लगाएगी 3,500 से ज्यादा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन
क्या है खबर?
बेंगलुरु स्थित स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस कंपनी बाउंस ने भारत के 10 शहरों में अपने बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के 3,500 से अधिक आउटलेट्स लगाने के लिए पार्क+ के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की है।
आपको बता दें कि 2 दिसंबर, 2021 को बाउंस अपने इन्फिनिटी इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसके बाद कंपनी को अपने ई-स्कूटरों की बिक्री बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की जरूरत होगी।
जानकारी
क्या है पार्क+ ऐप?
पार्क+ कार उपयोगकर्ताओं के लिए एक मोबाइल ऐप है जो उन्हें पार्किंग स्लॉट खोजने, उन्हे बुक करने और भुगतान करने की अनुमति देता है।
बाउंस और पार्क+ की साझेदारी से आगामी इन्फिनिटी स्कूटर मालिक बाउंस ऐप या पार्क+ की मदद से घर, मोहल्लों, प्रमुख पार्किंग स्थानों, मॉल, कॉर्पोरेट कार्यालयों, अन्य स्थानों पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों का पता लगाने में सक्षम होंगे।
इसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और स्वैपिंग की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
बयान
24 महीनों में 10 लाख स्टेशन लगाना है लक्ष्य- CEO
पार्क+ के साथ हुई साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए बाउंस के सह-संस्थापक और CEO विवेकानंद हलकेरे ने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि एक किलोमीटर के भीतर आप जहां भी हों, हमारे बैटरी स्वैपिंग स्टेशन उपलब्ध हों और यह पार्क+ के साथ हुई साझेदारी से ही संभव हो पाया है।"
उन्होंने कहा, "इस साझेदारी के तहत है हमारा प्रयास है कि अगले 24 महीनों में हम 10 लाख से अधिक स्कूटरों के लिए बैटरी स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर सकें।"
कारण
बाउंस क्यों लगा रही बैटरी स्वैपिंग स्टेशन?
बाउंस के आगामी इलेक्ट्रिक स्कूटर में खास स्वैपिंग बैटरी विकल्प है। इससे ग्राहकों के पास बैटरी के साथ या बिना बैटरी के बाउंस स्कूटर खरीदने का विकल्प होगा।
साथ ही ग्राहक कंपनी द्वारा स्थापित स्वैपिंग पॉइंट्स से बैटरी किराए पर भी ले सकते हैं। शुरुआत में यह विकल्प केवल छह शहरों- बैंगलोर, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, दिल्ली और विजयवाड़ा में उपलब्ध होगा।
इसलिए कंपनी तेजी से बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने में लगी है।
निवेश
कंपनी ने किया है करीब 52 करोड़ रुपये का निवेश
इलेक्ट्रिक स्कूटरों के निर्माण के लिए बाउंस ने कुछ समय पहले ही इलेक्ट्रिक और ICE टू-व्हीलर निर्माता कंपनी '22मोटर्स' का अधिग्रहण किया था। इसके लिए कंपनी को करीब 70 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 52 करोड़ रुपये) चुकाने पड़े थे।
इससे कंपनी राजस्थान स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र से सालाना 1.20 लाख स्कूटरों का निर्माण कर सकेगी।
बाउंस ने आगामी इलेक्ट्रिक स्कूटर को संयुक्त रूप से बाजार में लाने के लिए ताइवान की कंपनी किमको के साथ भी साझेदारी की है।