
WHO ने कोरोना वायरस को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी, अब तक 213 मौतें
क्या है खबर?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन के खतरनाक नोवेल कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित कर दिया है।
इस मौके पर WHO के चीफ टेड्रोस ऐडनम ने बताया है कि सबसे बड़ी चिंता अन्य देशों में वायरस को फैलने से रोकने की है।
बता दें कि इस वायरस से चीन में अब तक 213 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं।
भारत में भी वायरस का पहला मामला सामने आ चुका है।
बैठक
एक हफ्ते में WHO को बदलनी पड़ी अपनी राय
WHO ने कोरोना वायरस पर पिछले हफ्ते भी बैठक की थी लेकिन तब इसे अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित करने जितना खतरनाक नहीं माना गया।
लेकिन इसके बाद पिछले एक हफ्ते में वायरस का प्रकोप बढ़ने के बाद गुरूवार को WHO ने फिर से बैठक की और इसे अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित किया।
इस मौके पर टेड्रोस ने कहा, "हम सबको एक साथ मिलकर इसे और ज्यादा फैलने से रोकना चाहिए। एक साथ मिलकर ही हम इसे रोक सकते हैं।"
सफर पर रोक
अन्य देशों के नागरिकों के चीन आने-जाने पर रोक को बताया गैरजरूरी
वायरस के फैलने के बाद कई देशों के अपने नागरिकों को चीन न आने-जाने की सलाह पर ट्रेडोस ने कि सफर करने या व्यापार करने पर लगाई गई इस रोक की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है।
वहीं WHO की इमरजेंसी समिति ने कहा है कि लोगों या सामान के आने-जाने पर रोक लगाने से वायरस के फैलने पर असर नहीं होता है, बल्कि इससे दूसरी जगहों से मिलने वाली मदद और तकनीकी सहायता और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है।
मायने
क्या है अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित करने का मतलब?
कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित करने का मतलब है कि स्थिति गंभीर, असामान्य और अप्रत्याशित है और इसके चीन से बाहर फैलने का खतरा है।
किसी वायरस या महामारी को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित किए जाने का नियम 2007 में आया था।
इसके बाद से WHO पांच बार अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित कर चुका है।
2009 में स्वाइन फ्लू, 2014 में पोलियो, 2014 और 2019 में इबोला और 2016 में जीका वायरस की वजह से ऐसा किया गया था।
शुरूआत
चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ है वायरस
कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ है। वुहान में दिसंबर, 2019 में इस वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया था।
वुहान से ये वायरस चीन के बाकी हिस्सों और अन्य कई देशों में भी फैल गया।
वायरस से चीन में अब तक 213 लोगों की मौत हो चुकी है। चीनी सरकार के अनुसार, गुरुवार को 38 लोगों की मौत हुई जो वायरस के फैलने के बाद एक दिन में सबसे अधिक हैं।
संक्रमण
संक्रमित सी-फूड खाने और आपसी संपर्क से फैलता है कोरोना वायरस
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस सांप जैसे संक्रमित सी-फूड खाने से इंसानों में आया है।
इंसानों में ये वायरस आपसी संपर्क से भी फैलता है और इसी कारण कई देशों ने अपने नागरिकों के चीन आने-जाने पर रोक लगा दी है।
अब तक अमेरिका, जापान और भारत समेत कम से कम 17 देशों में ये वायरस फैल चुका है और हजारों संदिग्ध मरीजों को कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है।
भारत में कोरोना वायरस
भारत की पहली मरीज को हो रहा इलाज से फायदा
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला गुरुवार को सामने आया था।
वुहान शहर से लौटने वाली केरल की एक छात्रा में वायरस का संक्रमण पाया गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अभी उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और इलाज का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
राज्य सरकार ने उसके मामले पर नजर रखने और इसकी समीक्षा के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है।
जानकारी
वुहान से भारतीयों को निकालने की तैयारी
इस बीच भारत ने वुहान शहर में फंसे करीब 600 भारतीय नागरिकों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को 315 लोगों को लेकर पहली फ्लाइट भारत के लिए रवाना होगी। फंसे भारतीयों में अधिकांश चीन पढ़ने गए छात्र हैं।