
रूस: 'स्पूतनिक-V' के बाद एक और कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी, अभी पूरे नहीं हुए ट्रायल
क्या है खबर?
रूस ने दूसरी कोरोना वायरस वैक्सीन को नियामक मंजूरी दे दी है। देश के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कल इसकी जानकारी दी।
अपनी पहली वैक्सीन 'स्पूतनिक-V' की तरह रूस ने एपीवैककोरोना नामक इस वैक्सीन को भी शुरूआती चरण के इंसानी ट्रायल के बाद ही मंजूरी दे दी है और अभी इसके बड़े स्तर पर ट्रायल नहीं हुए हैं।
वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल नवंबर में शुरू किया जा सकता है।
शुरूआती ट्रायल
100 लोगों पर किया गया था वैक्सीन का शुरूआती ट्रायल
एपीवैककोरोना एक पेप्टाइड आधारित सिंथैटिक वैक्सीन है और इसे साइबेरिया के वेक्टर इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। वैक्सीन का शुरूआती चरण का ट्रायल पिछले ही महीने खत्म हुआ था और इसमें 18 से 60 साल के 100 लोगों पर इसका परीक्षण किया था।
हालांकि अभी तक इस ट्रायल के नतीजे प्रकाशित नहीं किए गए हैं और तीसरे चरण का ट्रायल भी रहता है। अब इन महत्वपूर्ण चरणों को पूरा किए बिना ही रूस ने इसे नियामक मंजूरी दे दी है।
बयान
पुतिन बोले- हमें दोनों वैक्सीनों का उत्पादन बढ़ाना होगा
बुधवार को एपीवैककोरोना वैक्सीन को नियामक मंजूरी मिलने का ऐलान करते हुए पुतिन ने कहा, "मेरे पास एक अच्छी खबर है। नोवोसिबिर्स्क के वेक्टर सेंटर ने दूसरी कोरोना वायरस वैक्सीन 'एपीवैककोरोना' का पंजीकरण कर लिया है... हमें पहली (स्पूतनिक-V)और दूसरी वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाना होगा।"
उन्होंने बताया कि उप प्रधानमंत्री ततयाना गोलिकोवा और उपभोक्ता सुरक्षा निगरानी संस्था की चीफ अन्ना पोपोवा को भी इस वैक्सीन की खुराक दी गई है।
तीसरे चरण का ट्रायल
30,000 से 40,000 लोगों पर होगा तीसरे चरण का ट्रायल
एपीवैककोरोना का तीसरे चरण का ट्रायल नवंबर या दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद है और इसमें 30,000 से 40,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पहले 5,000 वालंटियर्स साइबेरिया से होंगे।
उप प्रधानमंत्री गोलिकोवा ने बताया कि इसके अलावा सरकार 60 साल से अधिक के 150 लोगों पर भी वैक्सीन का ट्रायल करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की पहली 60,000 खुराक को निकट भविष्य में जल्द तैयार किया जाएगा।
जानकारी
दिसंबर में मिल सकती है रूस की तीसरी कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी
इस मौके पर पुतिन ने ये भी कहा कि सेंट पीटर्सबर्ग का चुमाकोव इंस्टीट्यूट भी कोरोना वायरस की एक वैक्सीन बना रहा है और जल्द ही ये भी उपयोग के लिए तैयार होगी। गोलिकोवा ने कहा कि दिसंबर में इसी सरकारी मंजूरी मिल सकती है।
स्पूतनिक फाइव
अगस्त में रूस ने लॉन्च की थी अपनी पहली वैक्सीन
बता दें कि इससे पहले अगस्त में रूस ने अपनी पहली कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-V' को लॉन्च किया था। इसे रूसी सेना ने मॉस्को के गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के साथ साझेदारी में विकसित किया है।
कॉमन कोल्ड करने वाले एडिनोवायरस के DNA से बनाई गई इस वैक्सीन को शुरूआती चरण के ट्रायल के बाद ही लॉन्च कर दिया गया था और अभी कई देशों में 40,000 लोगों पर इसका तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।