
काबुल में हमला करने वाला आतंकी पहले भारत में हुआ था गिरफ्तार- IS समर्थित पत्रिका
क्या है खबर?
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़ी एक पत्रिका में दावा किया गया है कि काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमला करने वाला आतंकवादी पांच साल पहले भारत में गिरफ्तार हुआ और बाद में उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया था।
आत्मघाती हमलावर की अब्दुर रहमान अल-लोगरी के तौर पर पहचान करते हुए पत्रिका साव्त-अल-हिंद (भारत की आवाज) में लिखा गया है कि वह पांच साल पहले हमला करने दिल्ली गया था, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दावा
रहमान ने किया था काबुल हवाई अड्डे पर हमला- पत्रिका
पत्रिका ने लिखा गया है कि रहमान ने ही काबुल हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती हमला किया था, जिसमें 250 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में 13 अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
बता दें कि काबुल हवाई अड्डे के गेट पर पिछले महीने आतंकी हमला हुआ था। यह हमला ऐसे वक्त किया गया था, जब अमेरिका समेत दूसरे देश यहां से लोगों को निकालने में जुटे थे और हवाई अड्डे के आसपास भारी भीड़ जमा थी।
प्रतिक्रिया
क्या भारत ने इस पर प्रतिक्रिया दी है?
भारत ने अभी तक पत्रिका में किए गए दावे की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।
हालांकि, साल 2017 में भारत की खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाले एक अफगान नागरिक को निर्वासित किया था, जिस पर इस्लामिक स्टेट के लिए काम करने का आरोप था।
भारत से अफगानिस्तान भेजे जाने के बाद वहां अमेरिकी बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जानकारी
पूछताछ के आधार पर अमेरिका ने किए थे कई ऑपरेशन
सूत्रों ने बताया कि भारत से भेजे गए संदिग्ध आतंकी से पूछताछ के आधार पर अमेरिकी बलों ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए थे।
दूसरी तरफ हमलावर की तारीफ करते हुए पत्रिका ने लिखा कि वह अपने वादे का पक्का रहा और घर जाने की बजाय उसने ऑपरेशन को अंजाम देना चुना। अमेरिकी सेना की वापसी से पहले काबुल हवाई अड्डे पर 'हजारों अफगानी नागरिक अपने परिवारों, देशद्रोहियों और मुसलमानों के हत्यारों के साथ' मौजूद थे।
जानकारी
संदिग्ध आतंकी के बारे में क्या जानकारी है?
इंडियन एक्सप्रेस ने 2018 में संदिग्ध आतंकी को लेकर रिपोर्ट किया था कि वह इस्लामिक स्टेट के उन 12 आतंकियों में शामिल था, जिन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग के बाद अलग-अलग जगहों पर हमले करने के लिए भेजा गया था।
अफगानिस्तान, दुबई और नई दिल्ली से जुटाई गई खुफिया जानकारियों से पता चला कि लगभग 25 साल की उम्र का यह युवक अफगान नागरिक और एक अमीर कारोबारी का बेटा था और उसे दिल्ली में हमला करने को कहा गया था।
जानकारी
अमेरिका ने भी दी थी खुफिया इनपुट
संदिग्ध आतंकी के खाते में दुबई से 50,000 अमेरिकी डॉलर का लेनदेन होने के बाद वह भारत की खुफिया एजेंसी R&AW की रडार पर आया था। उसी समय अमेरिका ने भी खुफिया जानकारी दी थी कि इस्लामिक स्टेट दिल्ली में हमला कर सकता है।