LOADING...
वडोदरा: पालतू कुत्ते को खोने के बाद लड़की ने गोद लिया चिड़ियाघर का तेंदुआ
वडोदरा की लड़की ने गोद लिया चिड़ियाघर का तेंदुआ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वडोदरा: पालतू कुत्ते को खोने के बाद लड़की ने गोद लिया चिड़ियाघर का तेंदुआ

लेखन अंजली
Jun 28, 2022
04:26 pm

क्या है खबर?

गुजरात के वडोदरा की रहने वाली गरिमा मालवंकर के पालतू कुत्ते 'प्लूटो' का पिछले साल एक बीमारी के कारण निधन हो गया था, जिसके कारण वह तनाव से घिर गई और उसने किसी भी अन्य पालतू जानवर को प्लूटो की जगह नहीं दी। हालांकि, जब उसने प्लूटो की याद के सम्मान में वडोदरा के सयाजी बाग चिड़ियाघर का दौरा किया तो वहां एक तेंदुए ने उसका ध्यान खींचा, जिसके बाद गरिमा ने उसे गोद लेने का फैसला कर लिया।

बयान

प्लूटो मेरे लिए परिवार के सदस्य की तरह था- गरिमा

राज्य विधानसभा में काम करने वाली गरिमा ने TOI को बताया, "प्लूटो का जन्म 24 जून को हुआ था। मैं अपने लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते के बहुत करीब थी और वह एक परिवार के सदस्य की तरह था और मैनें उसे कभी किसी कैद में नहीं रखा।" उसने आगे बताया कि प्लूटो के मरने के बाद वह उसकी याद में कुछ खास करना चाहती थी, इसलिए उसने प्लूटो के जन्मदिन पर एक जानवर को गोद लेने का फैसला किया।

बयान

पांच साल के लिए गरिमा ने गोद लिया तेंदुआ

गरिमा ने कहा, "प्लूटो की याद में मैनें कई आवारा कुत्तों को खाना भी खिलाया, लेकिन जब मैं सयाजी बाग के चिड़ियाघर गई तो वहां एक तेंदुए ने मेरा ध्यान अपनी ओर खींचा, इसलिए मैंने उसे गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में जानने की कोशिश की।" गरिमा ने यह भी कहा, "मैं तेंदुए को लगभग पांच साल तक के लिए गोद लेने वाली हूं ताकि लोग मुझसे प्रेरित होकर तेंदुए की जिम्मेदारी लेने के लिए भी आगे आएं।"

Advertisement

बयान

लोगों द्वारा पक्षियों और जानवरों को गोद लेने से मदद मिलती है- चिड़ियाघर के अधिकारी

चिड़ियाघर के अधिकारी प्रत्यूष पाटनकर का कहना है कि लोगों द्वारा पक्षियों और जंगली जानवरों को गोद लेने से उनके प्रति न सिर्फ जागरूकता बढ़ती है बल्कि इससे उन्हें भी मदद मिलती है। पाटनकर ने बताया, "पक्षियों और जानवरों को गोद देने के बाद जो धन मिलता है, वह वडोदरा नगर निगम कोष में जाता है। अभी हमारे पास 16 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पक्षियों और जानवरों को गोद लिया है, जिन्हें हम प्रशंसा का प्रमाण पत्र देते हैं।"

Advertisement

महत्व

चिड़ियाघर के जानवरों को गोद लेना क्यों महत्वपूर्ण है?

भारतीय चिड़ियाघरों ने जानवरों की देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ऑनलाइन गोद लेने की प्रक्रिया शुरु की है। अगर आपको चिड़ियाघर का कोई भी जानवर पसंद आता है तो आप उसे एक निश्चित अवधि के लिए पैसे देकर गोद ले सकते हैं और आपके पैसे उस गोद लिए गए जानवर कि चिकित्सा, भोजन और अन्य जरूरी चीजों के लिए खर्च किए जाते हैं।

Advertisement