
इंसान की हथेली जितना है दुनिया के सबसे छोटे खरगोशों का साइज, विलुप्त हुई विशुद्ध नस्ल
क्या है खबर?
खरगोश देखने में बहुत प्यारे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें अपने घर पर पालते भी हैं।
आम खरगोश का साइज न बहुत बड़ा होता है और न ही छोटा, लेकिन इनकी एक ऐसी प्रजाति भी है, जो इंसान की हथेली पर फिट आ जाती है।
कोलंबिया बेसिन पिगमी नामक यह प्रजाति खरगोश की एक दुर्लभ प्रजाति है, जो सिर्फ अमेरिका में पाई जाती है।
आइए इस खास खरगोश के बारे में विस्तार से जानते हैं।
खरगोश
500 ग्राम तक ही होता है इन खरगोशों का वजन
कोलंबिया बेसिन पिगमी खरगोश वाशिंगटन स्टेट एरिया के एक हिस्से में मिलते हैं।
इन खरगोश का वजन 375 और 500 ग्राम के बीच होता है और यह 23.5 से 29.5 सेंटीमीटर तक लंबे होते हैं।
इसके अलावा इन खरगोश को घर में नहीं पाला जा सकता है क्योंकि ये जंगली प्रजाति के होते हैं।
ये बहुत घबराए हुए से लगते हैं या जरूरत से ज्यादा उत्साहित लगते हैं।
विलुप्त
2001 में विलुप्त घोषित किए गए थे ये खरगोश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरगोश की इस नस्ल को जंगलों से 2001 में ही विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
हालांकि, इससे पहले करीब 14 खरगोशों को अलग जगह पर ब्रीडिंग के लिए रख लिया गया था।
इसके बाद वैज्ञानिकों को मालूम हुआ कि छोटी आबादी में इनकी इनब्रीडिंग नहीं की जा सकती है।
इसके कारण इनकी विशुद्ध नस्ल के आखिरी नर की 2006 और विशुद्ध नस्ल की अंतिम मादा की 2008 में मौत हो गई।
क्रॉस ब्रीडिंग
अन्य नस्ल के खरगोशों के साथ क्रॉस ब्रीडिंग करके किया गया सुरक्षित
विशुद्ध नस्ल के खरगोशों की मौत के बाद उनका विशुद्ध DNA भी नष्ट हो गया, लेकिन वैज्ञानिकों ने इडाहो पिगमी नस्ल के खरगोश के साथ क्रॉस ब्रीडिंग करके इन्हें सुरक्षित करने में कामयाब पाई।
क्रॉस ब्रीड किए गए ये खरगोश सेजब्रश पौधों को खाते हैं, जो उत्तरी अमेरिका में पाए जाते हैं।
हालांकि, जंगल कटने और जंगलों में आग लगने की वजह से अब ये पौधे नहीं बचे हैं, इसलिए इनकी आबादी भी कम होने लगी है।
बड़ा खरगोश
न्यूजबाइट्स प्लस
दुनिया में सबसे छोटे खरगोश के अलावा सबसे बड़े खरगोश की प्रजाति भी मौजूद है।
बेल्जियम के फ्लैंडर्स में फ्लेमिश जायंट नाम के प्रजाति के खरगोश सबसे बड़े खरगोश हैं।
इनका आकार कुत्ते जितना होता है, इसलिए कभी-कभी इन दोनों में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
इस खरगोशों का वजन 22 किलोग्राम होता है और ये चार फीट तक लंबे होते हैं। इन्हें घर पर भी पाला जा सकता है।