
एक बार फिर भिड़े वॉर्न और वॉ, जानिए इन दोनों खिलाड़ियों में मतभेद का इतिहास
क्या है खबर?
टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले पूर्व ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न अपनी गेंदबाजी के अलावा अपने कमेंट्स के कारण भी सुर्खियों में रहे हैं।
वॉर्न ने हाल ही में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को अपने साथ खेलने वाला सबसे स्वार्थी खिलाड़ी बताया था।
अब वॉ ने भी उनका जवाब दिया है, लेकिन यह विवाद सालों पुराना है।
आइए जानते हैं कैसे शुरु हुआ दोनों खिलाड़ियों में मतभेद।
ताजा मामला
वॉर्न ने वॉ को बताया था बेहद स्वार्थी
दरअसल, एक वीडियो में उन सभी रन आउट को दिखाया गया था जिसमें स्टीव वॉ हिस्सा रहे थे।
इस वीडियो को ट्वीटर पर रिट्वीट करते हुए वॉर्न ने लिखा, 'रिकॉर्ड के लिए एक और बार। मैंने 1,000 बार यह कहा है कि मैं स्टीव वॉ से घृणा नहीं करता हूं। हाल ही में मैंने उन्हें अपनी बेस्ट ऑल-टाइम ऑस्ट्रेलियन प्लेइंग इलेवन में जगह दी थी। स्टीव आराम से सबसे ज़्यादा स्वार्थी खिलाड़ी थे जिनके साथ मैं खेल चुका हूं।'
क्या आप जानते हैं?
104 रन आउट में शामिल रह चुके हैं वॉ
ESPNCricinfo ने उन आंकड़ों को जारी किया है जिसमें देखा जा सकता है कि वॉ अपने करियर में 104 रन आउट का हिस्सा रह चुके हैं। इस दौरान 73 बार उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी को आउट कराया है।
वॉ का जवाब
वॉर्न को वॉ ने दिया यह जवाब
वॉर्न का यह कमेंट वॉ को चुभा गया और उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि वॉर्न ने जो भी बोला वह खुद उनके ही व्यक्तित्व को दर्शाता है।
वॉ ने नाइन पेपर्स से कहा, "लोग लगातार कह रहे हैं कि यह एक लड़ाई है, लेकिन मेरे लिए लड़ाई वो होती है जिसमें दो लोगों होते हैं। मैं कभी इसमें शामिल नहीं हुआ हूं, इसलिए इसमें केवल एक ही व्यक्ति (वार्न) है।
मतभेद की शुरुआत
1999 में शुरु हुआ था दोनों खिलाड़ियों में मतभेद
वॉर्न और वॉ के बीच मतभेद की शुरुआत 1999 में वेस्टइंडीज दौरे पर टेस्ट सीरीज़ के साथ हुई थी।
उस समय वॉ टीम के कप्तान थे और वॉर्न उप-कप्तान।
कंधे की सर्जरी से वापस आ रहे वॉर्न का प्रदर्शन सीरीज़ में औसत रहा था।
वॉर्न ने अपनी किताब नो स्पिन में लिखा है कि कोच और अन्य लोगों के कहने के बावजूद वॉ ने उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया था।
आलोचना
वॉर्न लगातार करते आ रहे हैं वॉ की आलोचना
1999 में टीम से बाहर किए जाने के कारण वॉर्न और वॉ के रिश्ते खराब हो गए और लेग स्पिनर तब से लेकर अब तक पूर्व कप्तान की आलोचना किए जा रहे हैं।
वॉर्न ने यह भी कहा था कि वॉ केवल अपना औसत 50 के ऊपर रखना चाहते थे और वह उनके साथ खेले सबसे ज़्यादा स्वार्थी खिलाड़ी हैं।
हालांकि, वॉ लगातार कहते आए हैं कि कप्तान होने के नाते उन्हें टीम हित में फैसला लेना पड़ा था।