
इंग्लैंड बनाम भारत: मैनचेस्टर टेस्ट रद्द होने के बाद कैसे निकलेगा सीरीज का परिणाम?
क्या है खबर?
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का अंतिम टेस्ट नहीं खेला जा सका। कोरोना वायरस मामलों के डर के कारण मैनचेस्टर टेस्ट को रद्द कर दिया गया। भारत के पास 2-1 की बढ़त थी और अंतिम मुकाबला रद्द होने के बाद सीरीज के परिणाम को लेकर काफी बहस चल रही है।
फिलहाल किसी को अंदाजा नहीं है कि सीरीज का परिणाम क्या होगा।
आइए जानते हैं पूरा मामला और किस प्रकार निकल सकता है सीरीज का परिणाम।
संदेह
मैच को लेकर भी बनी रही संदेह की स्थिति
मैच शुरु होने से दो घंटे पहले ही तमाम तरह की रिपोर्ट्स आनी शुरु हो गई थीं। पहले कहा जा रहा था कि पहले दिन का खेल नहीं हो पाएगा तो कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि टेस्ट को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।
हालांकि, इंग्लैंड एंड वेल्श क्रिकेट बोर्ड (ECB) तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने-अपने बयान जारी करके साफ किया कि मैच को रद्द कर दिया गया है।
सवाल
क्या भारत ने छोड़ा था मैच?
ECB द्वारा जारी किए गए बयान में Forfeit (छोड़ दिया) शब्द का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्होंने बयान बदलकर मैच रद्द करने की बात कही थी।
दूसरी ओर BCCI ने लगातार यह बात कही थी कि उन्होंने मैच छोड़ा नहीं है और वे कभी भी यह मैच खेलने के लिए तैयार हैं। दोनों बोर्ड्स अब इस एक मुकाबले को खेलने के लिए विंडो पर बातचीत करेंगे।
परिणाम
किस तरह निकल सकता है सीरीज का परिणाम?
सीरीज का परिणाम निकालना अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के हाथ में है। यदि ICC निर्णय देती है कि भारत ने कोरोना के चलते यह मुकाबला नहीं खेला है तो मैच रद्द माना जाएगा और भारत को 2-1 से सीरीज में जीत मिलेगी।
यदि ICC को लगता है कि भारत ने यह मैच छोड़ा है तो फिर इसमें इंग्लैंड को विजयी माना जाएगा और सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो जाएगी।
नुकसान
ECB को हो सकता है भारी नुकसान
यदि सीरीज 2-1 पर समाप्त होती है तो फिर ECB को इंश्योरेंस के पैसे नहीं मिलेंगे, लेकिन यदि इसका समापन 2-2 पर होता है तो फिर वे इंश्योरेंस हासिल करने लायक रहेंगे।
सीरीज का परिणाम नहीं निकलने की स्थिति में ECB को 30 मिलियन ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (लगभग 306 करोड़ रुपये) का नुकसान होने की संभावना है। ECB लगातार दबाव बना रही है कि मैच को भारत द्वारा छोड़ा हुआ माना जाए।
नियम
क्या कहते हैं ICC के नियम?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए बनाए गए ICC के नियम के हिसाब से यदि किसी टीम में कोरोना के मामले आ जाते हैं तो वे कोई मैच छोड़ सकते हैं। हालांकि, यह तभी संभव है जब कोई टीम कोरोना मामलों के कारण प्लेइंग इलेवन उतारने में सक्षम नहीं हो।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ICC कोरोना मामले आने के डर से मैच नहीं खेलने को वैध कारण मानती है या नहीं।
डर
निगेटिव होने के बावजूद मैच खेलने से डर रहे थे भारतीय खिलाड़ी
गुरुवार को पूरी भारतीय टीम का कोरोना टेस्ट किया गया था और सभी खिलाड़ी निगेटिव पाए गए थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी शुक्रवार को मैच खेलने से डर रहे थे। भारतीय खिलाड़ियों को डर था कि यदि बीच मैच में कोई खिलाड़ी पॉजिटिव होता है तो इसका क्या असर होगा।
इसके अलावा मुख्य फिजियो के आइसोलेशन में होने के बाद दूसरे फिजियो के पॉजिटिव होने के बाद भारत के पास सपोर्ट स्टॉफ की भी कमी थी।