
वर्तमान प्लेइंग इलेवन के साथ विश्व कप नहीं जीत सकती भारतीय टीम- माइकल वॉन
क्या है खबर?
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में 375 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को 66 रन से हार झेलनी पड़ी थी।
इस मैच के दौरान भारत को छठे गेंदबाजी विकल्प की कमी काफी ज्यादा खली थी और अब यह छठा विकल्प काफी चर्चा का विषय बन गया है।
पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन का कहना है कि इस प्लेइंग इलेवन कॉम्बिनेशन से भारत विश्व कप नहीं जीत सकता है।
बयान
वर्तमान फॉर्मेशन के साथ विश्व कप नहीं जीत सकता भारत- वॉन
क्रिकबज के साथ बातचीत करते हुए वॉन ने कहा कि फिलहाल विश्व कप बहुत दूर है, लेकिन उनके हिसाब से इस फॉर्मेशन के साथ भारत विश्व कप नहीं जीत सकता है।
उन्होंने आगे कहा, "जब हार्दिक गेंदबाजी करने लगेंगे तो यह परेशानी दूर हो जाएगी, लेकिन आपको टॉप-6 में कुछ ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो गेंदबाजी भी कर सकते हों। वर्तमान समय में जो फॉर्मेशन है उसके साथ वे विश्व कप नहीं जीत सकते हैं।"
मोहम्मद कैफ
बीते शनिवार को कैफ ने भी जताई थी चिंता
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने भी छठे विकल्प की कमी को लेकर चिंता जाहिर की है
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "दौरे पर किसी भी तरह कोहली को छठा विकल्प नहीं मिलने वाला है क्योंकि टीम में छठा विकल्प या पार्ट टाइम गेंदबाज है ही नहीं। चयनकर्ताओं ने टीम चयन में गलती कर दी।"
कैफ ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि छठे विकल्प के बारे में विश्व कप से ठीक पहले चर्चा होगी।
ऑलराउंडर्स
देश में है पेस ऑलराउंडर्स की कमी
तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर्स की बात करें तो फिलहाल देश में इसकी भारी कमी है। हार्दिक पंड्या चोटिल होने से पहले तक इस रोल में फिट थे।
उनके अलावा विजय शंकर और शिवम दुबे भी इस कैटेगिरी में आते हैं, लेकिन नेशनल टीम में रहने के लिए उन्हें सुधार की जरूरत है।
ऐसे बल्लेबाज जो पार्ट टाइम गेंदबाजी भी कर सकते हों की लिस्ट में भारत के पास कई विकल्प हैं।
पार्ट टाइम गेंदबाज
पार्ट टाइम गेंदबाजी के मामले में कोहली को नहीं मिलती धोनी जैसी मदद
पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के समय में युवराज सिंह और सुरेश रैना दो ऐसे बल्लेबाज थे जो जरूरत के समय में ओवर्स निकालने और साझेदारी तोड़ने का काम करते थे।
विराट कोहली के समय में केदार जाधव ने कुछ समय ऐसा काम किया, लेकिन वह टीम में अपनी जगह ही स्थाई नहीं कर सके।
इसके अलावा टीम में पार्ट टाइम गेंदबाजों की बिल्कुल कमी है। टीम विशुद्ध गेंदबाजों के भरोसे चल रही है।