
थॉमस कप जीतकर इतिहास रचने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों से मिलिए
क्या है खबर?
बैंकॉक में खेले गए थॉमस कप बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचा है। 73 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारतीय टीम इस प्रतियोगिता को जीतने में सफल रही है। भारत को चैंपियन बनाने में नौ खिलाड़ियों ने अपनी अहम भूमिका निभाई है।
पूरे प्रतियोगिता के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा और वे अजेय रहे।
आइए जानते हैं भारत को चैंपियन बनाने वाले खिलाड़ियों से जुड़ी अहम बातें।
लक्ष्य सेन
बेहद तेजी से उभर रहे हैं सेन
20 साल के लक्ष्य सेन ने फाइनल में भारत को विजयी शुरुआत दिलाई थी। सेन ने 2018 एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। सीनियर लेवल पर सेन ने 2021 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
इसके अलावा इस साल उन्होंने 2022 ऑल इंग्लैंड ओपन में दूसरा स्थान हासिल किया था। सेन 2018 यूथ ओलंपिक गेम्स में मिक्स्ड टीम गोल्ड भी जीत चुके हैं।
सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी
21 साल की उम्र में ही जलवे बिखेर रहे हैं रैंकीरेड्डी
21 साल के सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी डबल्स खिलाड़ी हैं और उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्स्ड डबल्स गोल्ड मेडल जीता है। इसके अलावा उन्होंने टूर्नामेंट में मेंस डबल्स सिल्वर मेडल भी जीता था।
रैंकीरेड्डी के पिता और उनके भाई भी स्टेट लेवल खिलाड़ी थे और उन्हीं को देखते हुए उन्होंने बैडमिंटन खेलने का फैसला लिया था। 2014 में ही उन्होंने पुलेला गोपीचंद की अकादमी ज्वाइन की थी और डबल्स स्पेशलिस्ट बने थे।
जानकारी
रैंकीरेड्डी के साथ खेलते हैं चिराग शेट्टी
24 साल के चिराग शेट्टी मुंबई के रहने वाले हैं और वह भी डबल्स खेलते हैं। शेट्टी और रैंकीरेड्डी लंबे समय से साथ खेलते आ रहे हैं और वे टॉप-10 रैंकिंग में जगह बनाने वाले पहले मेंस डबल्स भारतीय जोड़ी हैं।
किदांबी श्रीकांत
नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं श्रीकांत
किदांबी श्रीकांत 2018 में विश्व के नंबर एक पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने थे और उसी साल उन्हें पद्मश्री भी दिया गया था। 2015 में वह एक ही साल में स्विस ओपन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड और इंडिया ओपन जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
29 साल के श्रीकांत वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर, कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्स्ड टीम गोल्ड और सिंगल्स सिल्वर जीत चुके हैं। श्रीकांत के बड़े भाई भी बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
एचएस प्रणोय
यूथ ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर चर्चा में आए थे प्रणोय
सेमीफाइनल में भारत को निर्णायक मुकाबला जिताने वाले 29 वर्षीय एचएस प्रणोय सिंगल्स प्रतियोगिता के सफल खिलाड़ी हैं। 2010 यूथ ओलंपिक गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। साउथ एशियन गेम्स 2016 में उन्होंने मेंस टीम का गोल्ड और सिंगल्स का सिल्वर जीता था।
2018 एशियन चैंपियनशिप में वह ब्रॉन्ज और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्स्ड टीम का गोल्ड जीत चुके हैं। सिंगल्स में उनका सर्वश्रेष्ठ रैंक आठ रहा है।
जानकारी
ये हैं टीम के अन्य खिलाड़ी
ध्रुव कपिला एशिया टीम्स चैंपियनशिप 2020 के ब्रॉन्ज मेडल विजेता हैं। उन्होंने 2019 साउथ एशियन गेम्स में मेंस डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। कृष्णा प्रसाद गरागा 117वीं रैंकिंग वाले खिलाड़ी हैं और विष्णुवर्धन गौड़ पंजाला साथ डबल्स मुकाबले खेले।