
ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: बॉक्सिंग-डे टेस्ट से पहले भारत के सामने हैं ये चुनौतियां
क्या है खबर?
पहले एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को आठ विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा टेस्ट 26 दिसंबर से मेलबर्न में खेला जाएगा, जिसमें कप्तान विराट कोहली भी टीम में नहीं होंगे।
दूसरी तरफ चोटिल मोहम्मद शमी के सीरीज से बाहर होने के बाद भारतीय टीम बैकफुट पर नजर आ रही है।
आइए एक नजर डालते हैं बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले भारत के सामने क्या बड़ी चुनौतियां रहने वाली हैं।
पहली चुनौती
चोटिल मोहम्मद शमी का विकल्प
अपने पिछले दौरे पर 16 विकेट लेने वाले शमी, बॉर्डर-गावस्कर सीरीज 2018-19 में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज थे।
अनुभवी शमी ने कुल 50 टेस्ट में 27.58 की औसत से 180 विकेट लिए हैं। वह 150 या उससे अधिक टेस्ट विकेट ले चुके गेंदबाजों में भारत के बेस्ट स्ट्राइक रेट (49.9) वाले खिलाड़ी हैं।
उनकी गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज या नवदीप सैनी को मौका मिल सकता है, लेकिन भारत के लिए कठिन राह होने वाली है।
दूसरी चुनौती
पृथ्वी शॉ की खराब फॉर्म और ओपनिंग की समस्या
रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम को एक स्थापित सलामी जोड़ी नहीं मिल पाई है। युवा पृथ्वी शॉ अब तक के मौकों को भुना नहीं पाए और उन्होंने दोनों पारियों में खराब बल्लेबाजी की। इस कारण भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी।
दोनों पारियों में बोल्ड होने वाले शॉ की तकनीक पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में अगले मुकाबले में मयंक अग्रवाल के साथ शुभमन गिल या केएल राहुल बतौर सलामी बल्लेबाज मौका मिल सकता है।
तीसरी चुनौती
भारतीय निचले क्रम का निराशाजनक प्रदर्शन
भारतीय टीम के निचले क्रम (08-11) ने पिछले कुछ समय में निराश किया है। साल 2018 के बाद से निचले क्रम के बल्लेबाजों ने सिर्फ 13.1 की औसत से रन बनाए हैं।
एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में भारत के अंतिम तीन विकेट ने सिर्फ 25 ही जोड़े जबकि ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम ने 80 रन बनाए थे।
भारतीय निचले क्रम के बल्लेबाज टीम को उपयुक्त सहयोग नहीं दे पाए हैं, जो कि टीम की असफलता का कारण है।
चौथी चुनौती
कोहली के बिना भारतीय बल्लेबाजी क्रम
भारतीय कप्तान विराट कोहली बची हुई टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 13 टेस्ट में 54.08 की जबरदस्त औसत से 1,352 रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने छह शतक भी लगाए हैं।
वह ऑस्ट्रेलिया में बेस्ट औसत वाले भारतीय बल्लेबाज हैं।
दूसरे टेस्ट में रोहित शर्मा भी उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोहली की गैरमजूदगी में भारतीय टीम कैसी बल्लेबाजी करती है।
पांचवीं चुनौती
रिद्धिमान साहा या ऋषभ पंत?
वर्तमान में भारत के बेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा बल्ले से उपयोगी प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अच्छी विकेटकीपिंग की है।
दूसरी तरफ युवा ऋषभ पंत ने डे-नाइट अभ्यास मैच में तेज शतक जड़ा था, लेकिन उनकी विकेटकीपिंग और DRS लेने की क्षमता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अपने पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे में पंत ने चार मैचों में 58.33 की औसत से 350 रन बनाए थे।
देखने वाली बात होगी कि दूसरे मैच में कौन खेलेगा।