
मोटोरोला लाई नई टेक्नोलॉजी, एकसाथ चार फोन्स में मिलेगी वायरलेस चार्जिंग
क्या है खबर?
टेक कंपनी मोटोरोला ने नई स्पेस चार्जिंग टेक्नोलॉजी पेश की है, जिसकी मदद से डिवाइसेज को ओवर-द-एयर वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिल जाएगा।
नई टेक्नोलॉजी की मदद से एकसाथ चार डिवाइसेज तक को हवा में चार्ज किया जा सकेगा और किसी वायरलेस चार्जिंग पैड पर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि, यह टेक्नोलॉजी पूरी तरह नई नहीं है और शाओमी भी ऐसा ही चार्जिंग सिस्टम एक वीडियो में शोकेस कर चुकी है।
स्पेस चार्जिंग
बिहाइंड द सीन टेस्टिंग के लिए तैयार
मोटोरोला ने नई चार्जिंग टेक्नोलॉजी को स्पेस चार्जिंग नाम दिया है और सामने आया है कि यह बिहाइंड द सीन टेस्टिंग के लिए रोलआउट होने को तैयार है।
शाओमी ने अपना वायरलेस चार्जिंग सॉल्यूशन जनवरी, 2021 में शोकेस किया था लेकिन इसे किसी फाइनल प्रोडक्ट का हिस्सा बनने में वक्त लगेगा।
मोटोरोला ने भी साफ नहीं किया है कि इस टेक्नोलॉजी का पब्लिक रिलीज कब किया जाएगा।
हालांकि, इसी सप्ताह नई चार्जिंग टेक्नोलॉजी का पब्लिक डिमॉन्स्ट्रेशन भी देखने को मिलेगा।
प्रिव्यू
सामने आया नई टेक्नोलॉजी का प्रिव्यू वीडियो
मोटोरोला का प्रिव्यू इस सप्ताह चाइनीज सोशल मीडिया साइट वीबो पर देखने को मिला है और इसके कुछ फीचर भी लिस्टेड हैं।
स्पेस चार्जिंग टेक्नोलॉजी को एक मीटर के रेडियस में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
वहीं, मोटोरोला की ओर से रिलीज की गई टेक्नोलॉजी के साथ तीन मीटर के रेडियस में चार स्मार्टफोन एकसाथ चार्ज किए जा सकेंगे।
शाओमी ने अपनी टेक के साथ कमरे में दूर-दूर तक मौजूद डिवाइसेज चार्ज करने का दावा किया था।
सुधार
पब्लिक रिलीज से पहले कई सुधार जरूरी
मोटोरोला ने सुझाव दिए हैं कि डिवाइसेज और चार्जिंग डिवाइस के बीच में कुछ रुकावटें आने पर भी यह टेक्नोलॉजी काम करती रहेगी।
इसके अलावा टारगेटेड एरिया में कोई ह्यूमन बॉडी होने पर चार्जिंग रोक दी जाती है।
इसका मतलब है कि इस टेक्नोलॉजी को लंबी टेस्टिंग और कुछ सुधारों के बाद ही पब्लिक रिलीज के लिए तैयार किया जा सकेगा।
वायरलेस चार्जिंग को भी स्मार्टफोन्स का हिस्सा बनाने से पहले लंबी टेस्टिंग से गुजरना पड़ा था।
शाओमी
शाओमी भी लाई है 'एयर चार्ज' टेक्नोलॉजी
साल की शुरुआत में शाओमी ने भी अपनी Mi एयर चार्जर टेक्नोलॉजी पेश की है।
शाओमी की टेक्नोलॉजी में 5W तक की पावर सिंगल डिवाइस को दूर रहते हुई भेजी जा सकती है और यह मल्टीडिवाइस चार्जिंग सपोर्ट करती है।
शाओमी की एयर चार्जिंग टेक्नोलॉजी में चार्जर और डिवाइस के बीच दूरी की कोई लिमिट नहीं है।
इसकी मदद से कंपनी छोटे डिवाइसेज जैसे- स्मार्टवॉच, वियरेबल्स और स्मार्ट स्पीकर्स को चार्ज कर सकती है।
तुलना
शाओमी की टेक्नोलॉजी हो सकती है बेहतर
मोटोरोला की OTA चार्जिंग टेक्नोलॉजी में बेशक कुछ सीमाएं हैं लेकिन शाओमी के साथ ऐसा नहीं है।
शाओमी ने कहा है कि चार्जिंग डिवाइस और फोन के बीच में किसी तरह की रुकावट आने से चार्जिंग स्पीड पर फर्क नहीं पड़ेगा।
फिलहाल, इस टेक्नोलॉजी से चार्जिंग की स्पीड बहुत कम रहती है और अगले अपग्रेड्स में इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
शाओमी का एयर चार्जर ऐसा करने के लिए मिलीमीटर वेव्स का इस्तेमाल करता है।
फायदा
चार्जिंग एडॉप्टर से प्लग करने की जरूरत नहीं होगी
अगर स्मार्टफोन्स और बाकी बैटरी से चलने वाले डिवाइस चार्जर से दूर रहते हुए अपने आप चार्ज होते रहेंगे तो उन्हें अलग से चार्ज करने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
फिलहाल ये टेक्नोलॉजी शुरुआती चरण में है और वक्त बीतने के साथ-साथ बेहतर टेस्टिंग की जाएगी और रियल लाइफ परफॉर्मेंस का पता चल सकेगी।
बड़े अपग्रेड के तौर पर ढेरों कंपनियां वायरलेस फास्ट चार्जिंग भी ऑफर कर रही हैं, हालांकि इसके लिए डिवाइस को चार्जिंग स्टेशन पर रखना होता है।